18 सितंबर 2026, जगदलपुर/ राजमहल के बाजू से नालियों के ऊपर हेयर सैलून, पान की दुकान, चाय की दुकान, रिपेयरिंग की दुकान, छोटे-मोटे रोजगार और गैराज जैसे काम वर्षों से लोगों की रोजी-रोटी का सहारा बने हुए हैं।
अगर इन जगहों पर अतिक्रमण है और नियमों के विरुद्ध निर्माण हुआ है, तो सवाल यह है कि इतने वर्षों से नगर निगम की नजर इस पर क्यों नहीं गई?


और अब अचानक त्योहारों के समय इन्हें 24 घंटे में हटाने का नोटिस देना कितना उचित है?


नियमों का पालन होना चाहिए, नालियां और सार्वजनिक रास्ते भी खुले रहने चाहिए—लेकिन साथ ही उन छोटे दुकानदारों और गरीब परिवारों की रोजी-रोटी का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।


सवाल अतिक्रमण हटाने का नहीं, सवाल कार्रवाई के तरीके और समय का है।
अगर नियम है, तो वह पूरे साल समान रूप से लागू क्यों नहीं होता?


क्या छोटे रोजगार वालों को अपनी बात रखने और उचित समय पाने का अधिकार नहीं होना चाहिए?


जगदलपुर में सड़क और नाली अवरुद्ध होने पर निगम द्वारा कार्रवाई के उदाहरण सामने आए हैं, इसलिए मुद्दा यह होना चाहिए कि कार्रवाई समान, पारदर्शी और उचित प्रक्रिया के तहत हो।

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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