
139 लोगों की स्वास्थ्य जांच, 55 ग्रामीणों की टीबी स्क्रीनिंग और 49 लोगों की NCD जांच
बीजापुर, 24 सितम्बर 2026/ संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार जिले में संचालित “सेवा संकल्प अभियान” के अंतर्गत 23 सितम्बर को आयुष्मान आरोग्य मंदिर गोंगला के नव-निर्मित भवन में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। शिविर का आयोजन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, बीजापुर के दिशा-निर्देशन एवं खण्ड चिकित्सा अधिकारी के मार्गदर्शन में किया गया।

शिविर का शुभारंभ गोंगला के उपसरपंच द्वारा किया गया। उन्होंने ग्रामीणों से स्वास्थ्य सेवाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने, नियमित स्वास्थ्य जांच कराने तथा शासन द्वारा संचालित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के प्रति जागरूक रहने की अपील की।

139 लोगों की हुई स्वास्थ्य जांच शिविर में सशक्त परिवार अभियान के अंतर्गत महिलाओं, बच्चों एवं बुजुर्गों सहित कुल 139 लोगों की OPD जांच की गई। इनमें 21 महिलाओं की विशेष जांच, 49 लोगों की NCD स्क्रीनिंग तथा 15 अन्य जांच की गईं। जांच के दौरान 2 मलेरिया PF पॉजिटिव पाए गए, जिनका आवश्यक उपचार एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा आगे की कार्यवाही की गई।55 ग्रामीणों की टीबी स्क्रीनिंग“क्षय रोग मुक्त भारत अभियान” के तहत 55 ग्रामीणों की टीबी स्क्रीनिंग की गई। संदिग्ध मरीजों का पंजीयन कर आवश्यक जांच एवं आगामी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए कार्यवाही की गई।
आयुष्मान कार्ड एवं स्वास्थ्य योजनाओं की दी जानकारीशिविर में 2 आयुष्मान कार्ड बनाए गए। स्वास्थ्य कर्मचारियों ने ग्रामीणों को आयुष्मान कार्ड के लाभों की जानकारी देते हुए पात्र हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड एवं श्रम कार्ड बनवाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही शासन की विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं एवं सेवाओं के बारे में जानकारी दी गई।
मातृ स्वास्थ्य और दवा वितरण पर भी जोर*शिविर में 1 गर्भवती महिला का ANC पंजीयन/जांच किया गया तथा अन्य 6 स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गईं। ग्रामीणों को आवश्यक एवं जेनेरिक दवाओं की उपलब्धता और उपयोग के संबंध में जानकारी देते हुए जरूरत के अनुसार दवाओं का वितरण किया गया।शिविर में सेक्टर प्रभारी, सेक्टर सुपरवाइजर, RMA/चिकित्सा दल, CHO, RHO, MT एवं मितानिन दीदी सहित स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
स्वास्थ्य शिविर के माध्यम से ग्रामीणों को उनके निकटस्थ क्षेत्र में जांच, उपचार, दवा वितरण, टीबी स्क्रीनिंग एवं मातृ स्वास्थ्य जैसी आवश्यक सेवाओं का लाभ मिला। साथ ही विभिन्न शासकीय स्वास्थ्य योजनाओं के प्रति ग्रामीणों में जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया।