
सेवा संकल्प अभियान, घरों में हो बुजुर्गों का सम्मान-सांसद महेश कश्यप
जगदलपुर, 01 अक्टूबर 2026/ अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के पावन अवसर पर धरमपुरा स्थित ‘आस्था निकुंज’ वृद्धाश्रम में समाज कल्याण विभाग एवं भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में एक भावुक और गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष मौके पर बस्तर सांसद महेश कश्यप ने अपना जन्मदिन आश्रम के बुजुर्गों के बीच अत्यंत सादगी और आत्मीयता के साथ मनाया। उन्होंने वरिष्ठजनों को फूल-माला पहनाकर, शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया और उनका मुंह मीठा कराकर चरण स्पर्श करते हुए आशीर्वाद लिया।
समारोह को संबोधित करते हुए सांसद श्री कश्यप ने विचारोत्तेजक संदेश देते हुए कहा कि माता-पिता और बुजुर्ग जीवन की वह अनमोल धरोहर हैं, जिन्हें संसार की किसी भी दौलत से दोबारा हासिल नहीं किया जा सकता। वृद्धजन दिवस को केवल आश्रमों तक सीमित रखने के बजाय हमें इसे अपने-अपने घरों में माता-पिता की सच्ची सेवा, आदर और सत्कार के साथ मनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आधुनिक समाज में स्वार्थ और संकीर्णता का बढ़ना बेहद चिंताजनक है।
सांसद ने संपन्न परिवारों द्वारा बुजुर्ग माता-पिता को वृद्धाश्रमों में असहाय छोड़ देने पर गहरा क्षोभ प्रकट करते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति कितना भी बड़ा पद हासिल कर ले, चाहे वह डॉक्टर, इंजीनियर, प्रशासनिक अधिकारी या राजनेता ही क्यों न बन जाए, यदि माता-पिता ने उसे जन्म और संस्कार न दिए होते, तो वह कभी इस मुकाम तक नहीं पहुँच सकता था। बुजुर्गों को बेसहारा छोड़ना हमारी गौरवशाली संस्कृति और समूची मानवीय सभ्यता पर एक बड़ा कलंक है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महापौर संजय पांडे ने सनातन संस्कृति का उल्लेख करते हुए कहा कि शास्त्रों में माता, पिता और गुरु को भगवान तुल्य माना गया है। आज हमारे सामने बैठी बुजुर्ग पीढ़ी ही वह आधार स्तंभ है, जिसने अभावों के बीच कड़ा संघर्ष कर और अपने सुखों का त्याग कर बच्चों का भविष्य संवारा है। इसलिए यह दिन अपनी जड़ों और संस्कारों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है।
उन्होंने रेखांकित किया कि बुजुर्गों को केवल दवाओं की नहीं, बल्कि परिवार के प्यार, आत्मीयता और अपनेपन की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। जिस घर में वरिष्ठजनों का आदर होता है, वहां स्वतः ही सुख-समृद्धि और ईश्वर का वास होता है।
महापौर ने युवा पीढ़ी से आह्वान किया कि वे मोबाइल स्क्रीन की आभासी दुनिया से बाहर निकलकर कुछ समय अपने बुजुर्गों के साथ बिताएं, क्योंकि आज की आधुनिक तकनीक जीवन को गति तो दे सकती है, परंतु जीवन को सही दिशा केवल हमारे बुजुर्ग ही प्रदान कर सकते हैं।
इस अवसर पर बस्तर राज परिवार के सदस्य कमलचंद भंजदेव, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक, समाज कल्याण विभाग की उप संचालक सुचिता लकड़ा, जिला रेडक्रास सोसायटी के उपाध्यक्ष अलेक्जेंडर चेरियन सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, चिकित्सक, पार्षदगण, रेडक्रॉस व माय भारत के स्वयंसेवक तथा बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक उपस्थित रहे।