आस्था बनी आजीविका का संबल

जगदलपुर, 14 अक्टूबर 2026/ बस्तर जिले के ग्रामीण अंचलों में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान महिलाओं के जीवन में स्वावलंबन और सकारात्मक बदलाव का सशक्त माध्यम बन रहा है। जनपद पंचायत बकावंड के ग्राम पंचायत गिरोला की महिलाएं बिहान योजना से जुड़कर स्वरोजगार की एक नई और प्रेरक मिसाल पेश कर रही हैं। आस्था के प्रमुख केंद्र माता हिंगलाजिन मंदिर में पूजा सामग्री बेचकर ये महिलाएं न केवल सम्मानजनक आजीविका कमा रही हैं, बल्कि अपने परिवारों का मजबूत आर्थिक आधार भी बन चुकी हैं।

गिरोला स्थित माता हिंगलाजिन मंदिर में साल भर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। श्रद्धालुओं की इसी नियमित आवाजाही को अवसर में बदलते हुए बिहान के संकुल एवं ग्राम संगठन के मार्गदर्शन में स्थानीय महिलाओं ने वर्ष 2018 में मंदिर परिसर में पूजा सामग्री विक्रय की पहल की थी। व्यवसाय की शुरुआत के लिए समूह की महिलाओं को बिहान योजना के जरिए आरएफ, सीआईएफ, सीईएफ और बैंक लिंकेज के माध्यम से आवश्यक वित्तीय मदद उपलब्ध कराई गई। इस आर्थिक संबल के दम पर आज 8 स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं एकजुट होकर चुनरी, नारियल, अगरबत्ती, रोली, मौली, रुई बत्ती, फूल और प्रसाद जैसी संपूर्ण पूजन सामग्री की बिक्री कर रही हैं।

दीदियों की लगन और परिश्रम का ही नतीजा है कि सामान्य दिनों में भी समूह की मासिक बिक्री 10 से 12 हजार रुपये तक पहुंच जाती है, जिससे उन्हें हर महीने नियमित शुद्ध आय प्राप्त हो रही है। नवरात्रि और प्रमुख पर्वों के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ से यह बिक्री और मुनाफा दोगुना हो जाता है। उत्पादों की शुद्धता और गुणवत्ता के कारण अब न केवल मंदिर आने वाले श्रद्धालु, बल्कि स्थानीय ग्रामीण भी अपनी रोजमर्रा की पूजन सामग्री इन्हीं समूहों से खरीदने लगे हैं।

आर्थिक तंगी से निकलकर स्वावलंबन की राह पकड़ने वाली इन महिलाओं ने अपनी इस प्रगति और खुशहाली के लिए बिहान योजना, जनपद पंचायत बकावंड और बस्तर जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया है।

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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