सेवा की कहानी मेहनत और आत्मविश्वास से आत्मनिर्भरता की राह पर करिश्मा सलूर

बीजापुर, 16 अक्टूबर 2026। ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने के प्रयासों के बीच करिश्मा सलूर की कहानी महिला सशक्तिकरण की प्रेरक मिसाल के रूप में सामने आती है। एलेम्मा स्व-सहायता समूह से जुड़कर उन्होंने लखपति दीदी पहल के माध्यम से अपनी आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है।

लखपति दीदी पहल का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार एवं आजीविका गतिविधियों से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि करना और आर्थिक रूप से सक्षम बनाना है। स्व-सहायता समूह महिलाओं को संगठित होकर आगे बढ़ने, आर्थिक गतिविधियों में भागीदारी बढ़ाने तथा अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने का अवसर प्रदान करते हैं।

करिश्मा सलूर की कहानी इस बात को रेखांकित करती है कि महिलाओं को उचित अवसर और मार्गदर्शन मिले, तो वे अपनी मेहनत और लगन से आत्मनिर्भरता की नई राह बना सकती हैं। ऐसी पहलें न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत करती हैं, बल्कि ग्रामीण परिवारों के जीवन स्तर में सुधार लाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

महिला सशक्तिकरण से समृद्ध गांव की ओरलखपति दीदी पहल ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने और उनकी आजीविका को स्थायी आधार देने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है। करिश्मा सलूर जैसी महिलाओं की उपलब्धियां ग्रामीण क्षेत्र में आत्मनिर्भरता, स्वावलंबन और महिला सशक्तिकरण के संकल्प को मजबूती प्रदान करती हैं।

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

Leave a Reply