खुलेआम उड़ रही यातायात नियमों की धज्जियां, क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा प्रशासन?

17 अक्टूबर 2026, जगदलपुर। शहर के बीचों-बीच रेत से लदे टिप्पर वाहनों के कथित रूप से बिना सुरक्षा इंतजाम के परिवहन किए जाने का मामला गंभीर चिंता का विषय बन गया है। आरोप है कि बिना तिरपाल ढके रेत से भरे भारी वाहन शहर की व्यस्त सड़कों से गुजर रहे हैं, जिससे आम नागरिकों की जान जोखिम में पड़ सकती है।

सवाल उठता है कि आखिर शहर में इस तरह के असुरक्षित परिवहन पर जिम्मेदार विभागों की नजर क्यों नहीं पड़ रही? क्या परिवहन विभाग, यातायात पुलिस और खनिज विभाग केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित हैं?

खुले टिप्परों से उड़ती धूल और सड़क पर गिरने वाली रेत दोपहिया वाहन चालकों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। इसके बावजूद सुरक्षा नियमों की अनदेखी के आरोप प्रशासनिक निगरानी पर सवाल खड़े करते हैं।

खनिज विभाग में नियम ये कहता है कि तिरपाल ढककर रेत, मिट्टी ईट परिवहन किया जाए, लेकिन यह संबंधित विभाग की लापरवाही में ये देखा जा रहा है दशहरा एवं नवरात्रि के भीड़ भड़ाका इलाको से बेधड़क दिनदहाड़े बिना तिरपाल ढके टिप्पर में ले जाया जा रहा है।
इस प्रकार की लापरवाही बहुत बड़े हादसे को न्योता दे रहा है।

आखिर किसकी लापरवाही से शहर में इस तरह का परिवहन जारी है? जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही कब तय होगी?

जिला प्रशासन से मांग है कि तत्काल जांच अभियान चलाकर बिना सुरक्षा इंतजाम के रेत परिवहन करने वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

सबसे बड़ा सवाल—क्या प्रशासन हादसा होने के बाद जागेगा या उससे पहले जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा?

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

Leave a Reply