रेन डिटेक्टर मॉडल बना आकर्षण का केंद्र

जगदलपुर, 03 नवम्बर 2026/ छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 26वें गौरवशाली वर्ष के पावन अवसर पर सोमवार, 2 नवंबर को जगदलपुर का ऐतिहासिक सिटी ग्राउंड अपार जन-उत्साह, उल्लास और गरिमा का साक्षी बना। इस अवसर पर शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित विशेष विज्ञान एवं नवाचार प्रदर्शनी में विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों ने कई उपयोगी और विचारणीय मॉडल प्रस्तुत किए।

इस प्रदर्शनी में बड़े मोरठपाल के प्रतिभावान बाल वैज्ञानिकों सूरज कश्यप और अनिरुद्ध मौर्य ने अपने शिक्षक विजय सिन्हा के कुशल मार्गदर्शन में तैयार किए गए रेन डिटेक्टर मॉडल का प्रदर्शन किया, जो दर्शकों और अतिथियों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बना रहा। मॉडल की कार्यप्रणाली साझा करते हुए बताया गया कि यह नवाचार आम नागरिकों और कामकाजी लोगों की उस आम समस्या का समाधान करता है, जहां वे धूप में कपड़े सुखाकर चले जाते हैं और अचानक बारिश होने पर कपड़े भीग जाते हैं।

इस ऑटोमैटिक सिस्टम में लगा सेंसर बारिश की बूंदों को भांपते ही कपड़ों को स्वतः छांव में खींच लेता है और वर्षा बंद होकर धूप निकलते ही उन्हें पुनः धूप में ले आता है, जिससे वे सही समय पर सूख सकें।

यह तकनीक घरेलू उपयोग के साथ-साथ किसानों के लिए भी एक वरदान साबित हो सकती है। खलिहानों में धान की मिंजाई के बाद जब फसल खुले में सुखाई जाती है, तब अप्रत्याशित बारिश से भारी बर्बादी होती है, जिसे इस सेंसर-आधारित स्वचालित शेड के जरिए पूरी तरह रोका जा सकता है।

इसके अलावा, अधिक पानी से खराब होने वाली नाजुक फसलों के संरक्षण में भी यह तकनीक बेहद उपयोगी है। शिक्षक विजय सिन्हा के मार्गदर्शन में बाल वैज्ञानिक सूरज कश्यप और अनिरुद्ध मौर्य द्वारा प्रस्तुत इस नवाचार की उपस्थित अधिकारियों, शिक्षकों और आम नागरिकों ने मुक्तकंठ से सराहना की।

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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