रिपोर्ट ओम साहू
जगदलपुर – शहर से चंद किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम बोरपदर की एक किराना दुकान में खुलेआम अवैध शराब की बिक्री हो रही है। हैरानी की बात यह है कि यह अवैध कारोबार बस्तर थाना क्षेत्र और आबकारी विभाग के संरक्षण में या उनकी आंखों के सामने फल-फूल रहा है।
📌 क्या आबकारी विभाग सो रहा है?
जिस जगह पर यह अवैध कारोबार चल रहा है, वह कोई जंगल या दुर्गम इलाका नहीं है — बल्कि मुख्य मार्ग से जुड़ा हुआ एक सक्रिय ग्रामीण बाजार है। सवाल यह है कि जब मीडिया को यह दृश्य साफ दिखाई दे रहा है, तो आबकारी अधिकारियों को क्यों नहीं?
📌 क्या यह मिलीभगत नहीं है?
जिस दुकान में आमतौर पर कोल्ड ड्रिंक, पानी और बिस्कुट बिकते हैं, वहीं अब खुलेआम बियर और अंग्रेज़ी शराब बिक रही है — बिना लाइसेंस, बिना डर। वीडियो में साफ़ देखा जा सकता है कि बेचने वालों को किसी प्रशासनिक कार्रवाई का कोई भय नहीं है।
📌 कब तक जनता को भ्रम में रखा जाएगा?
आबकारी विभाग अक्सर मीडिया में छापेमारी की खबरों से सुर्खियों में रहता है, लेकिन बोरपदर जैसे गांवों में अवैध शराब के गोरखधंधे को देखकर यह स्पष्ट हो जाता है कि या तो विभाग की नजरें बंद हैं, या फिर कहीं न कहीं से संरक्षण प्राप्त है।
👉 हम प्रशासन और आबकारी विभाग से यह जानना चाहते हैं:
इन कोचियों को शराब आपके शराब दुकान से ही ओवररेट में बेचा जाता हैं
क्या आप संबंधित शराब दुकान में कार्यवाही करेंगे अवैध बेच रहे बोतल के बेच नंबर ट्रेसिंग करके
क्या बोरपदर में चल रहे इस शराब कारोबार की जानकारी आपको नहीं है?
क्या इस दुकान पर कभी छापा पड़ा?
क्या ऐसे मामलों में सिर्फ खानापूर्ति की जाती है?
प्रशासन से हमारी मांग है कि तत्काल कार्रवाई की जाए और इस तरह के अवैध शराब के अड्डों को बंद किया जाए। वरना जनता यह मानने को मजबूर होगी कि यह सब कुछ ‘व्यवस्थित भ्रष्टाचार’ का हिस्सा है।