रिपोर्ट –जय शंकर भाई


जगदलपुर, 21 मई 2026/ शासन-प्रशासन को सीधे जनता के द्वार तक पहुंचाने और उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान करने के उद्देश्य से बस्तर जिले के सुदूर वनांचल में स्थित लोहंडीगुड़ा विकासखंड के ग्राम भेजा में सुशासन तिहार जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। कभी माओवाद के साये में रहने वाला यह पूरा क्षेत्र आज बदलाव की एक नई इबारत लिख रहा है। क्षेत्रवासियों की विकास की मुख्य धारा में शामिल होने की तीव्र ललक और जिला प्रशासन के सतत सहयोग व प्रयासों के चलते अब यह पूरा अंचल माओवाद के प्रभाव से पूरी तरह मुक्त हो चुका है। शांति और प्रगति के इस नए दौर में आयोजित शिविर को लेकर ग्रामीणों में भारी उत्साह देखा गया, जिसके चलते विभिन्न विभागों से जुड़े कुल 260 आवेदन प्राप्त हुए। प्रशासन की सक्रियता के चलते इनमें से 130 आवेदनों का मौके पर ही सफलतापूर्वक निराकरण कर जनता को बड़ी राहत दी गई, जबकि शेष मामलों के त्वरित निपटारे के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। कार्यक्रम में अंचल के प्रमुख जनप्रतिनिधियों ने शिरकत कर ग्रामीणों का हौसला बढ़ाया, जिनमें जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पद्मा कश्यप, उपाध्यक्ष डॉ. बसन्त कश्यप और पूर्व विधायक श्री लच्छूराम कश्यप सहित बड़ी संख्या जनप्रतिनिधिगण, अनुविभागीय दंडाधिकारी श्री नितीश वर्मा, तहसीलदार श्री कैलाश कोड़ोपी, जनपद पंचायत सीईओ श्री धनेश्वर पाण्डे तथा बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी शामिल थे।


बंदूक की गूंज से मुक्त इस शांत अंचल में अब विकास की बयार बह रही है और शिविर के दौरान शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी और हितग्राहीमूलक योजनाओं का सीधा लाभ ग्रामीणों तक पहुंचाया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा आधुनिक पोर्टेबल एक्स-रे मशीन के माध्यम से ग्रामीणों की जांच की गई, जिसमें विशेष रूप से संभावित टीबी मरीजों की पहचान पर ध्यान केंद्रित किया गया, साथ ही 10 ग्रामीणों को आयुष्मान कार्ड भी प्रदान किए गए। सामाजिक और आर्थिक सुदृढ़ीकरण की दिशा में कदम बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 5 आवास हितग्राहियों को उनके नए घर की चाबियां सौंपी गईं, तो वहीं आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर रही अंचल की 11 लखपति दीदियों को प्रमाण पत्र और महिला स्व-सहायता समूहों को आर्थिक संबल देने के लिए ऋण स्वीकृति के चेक वितरित किए गए।

ग्रामीण आजीविका और शिक्षा को बढ़ावा देकर मुख्य धारा को और मजबूत करने के उद्देश्य से शिविर में विशेष प्रयास दिखे, जहां कृषि क्षेत्र को मजबूती देने के लिए 10 किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड और मत्स्यपालन से जुड़े 3 हितग्राहियों को मछली जाल का वितरण किया गया। शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कक्षा 8वीं, 10वीं और 12वीं के मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया तथा स्कूली छात्र-छात्राओं को जाति प्रमाण पत्र जारी किए गए। इसके साथ ही 10 बुजुर्गों एवं पात्र ग्रामीणों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन स्वीकृति प्रमाण पत्र सौंपे गए, जबकि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित अन्नप्राशन कार्यक्रम में 4 नन्हे बच्चों को पहला ठोस आहार खिलाकर उनके सुपोषण और बेहतर स्वास्थ्य की कामना की गई।

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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