रिपोर्ट –जय शंकर पांडे

02 जून 2026: जगदलपुर,बस्तर ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत पिपलावंड के आश्रित ग्राम जामगुड़ा के किसानों के साथ युवा कांग्रेस के पूर्व जिला उपाध्यक्ष एवं आदिवासी नेता हेमंत कश्यप ने आज कलेक्टर बस्तर एवं वनमंडल अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर वर्ष 1971 से काबिज किसानों की भूमि पर वन विभाग द्वारा प्रस्तावित तालाब निर्माण कार्य को तत्काल रोकने तथा प्रभावित किसानों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।

ज्ञापन में बताया गया कि ग्राम जामगुड़ा के लगभग 73 किसान परिवार वर्ष 1971 से लगभग 350 एकड़ भूमि पर कृषि कार्य करते आ रहे हैं तथा उक्त भूमि पर किसानों का परंपरागत एवं वैधानिक अधिकार है। वर्तमान में वन विभाग द्वारा इसी भूमि पर तालाब निर्माण कार्य प्रस्तावित किया गया है, जिससे किसानों की आजीविका एवं भूमि अधिकार प्रभावित होने की आशंका उत्पन्न हो गई है।

हेमंत कश्यप ने कहा कि आदिवासी एवं किसान परिवार वर्षों से इस भूमि पर निर्भर हैं और उनकी आजीविका का प्रमुख साधन कृषि है। यदि बिना समुचित जानकारी, सर्वेक्षण एवं किसानों की सहमति के तालाब निर्माण कार्य किया जाता है, तो 73 किसान परिवारों की कृषि भूमि प्रभावित होगी तथा उनकी आजीविका संकट में पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि किसानों के भूमि अधिकारों का संरक्षण एवं सम्मान किया जाना आवश्यक है।
ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि प्रस्तावित निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाई जाए, प्रभावित किसानों की बात सुनी जाए, आवश्यक जांच कराई जाए तथा किसानों के वैधानिक अधिकारों और हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।
किसानों ने प्रशासन से अपेक्षा व्यक्त की कि मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर न्यायसंगत समाधान निकाला जाएगा, जिससे किसानों के हित सुरक्षित रह सकें।
ज्ञापन प्राप्त करते हुए वनमंडल अधिकारी के प्रतिनिधि एसडीओ शिवेंद्र जी ने मामले की जांच करवाकर उचित कार्यवाही करने का आश्वासन दिया।
ज्ञापन सौंपने के दौरान हेमंत कश्यप, सुदार कश्यप,रामदास बघेल, सुखदेव कश्यप, तोरका, रामलाल मंडावी, विजय भारती ज्ञानचंद, देवनाथ सहित ग्राम जामगुड़ा के किसान एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।