✍ रिपोर्ट: Rishabh kumar

खबर लगातार: हमने पहले कंगोली शराब दुकान में भ्रष्टाचार पर खबर प्रकाशित की थी। जिला कलेक्टर द्वारा जांच समिति बनाकर जांच कराई गई, लेकिन हमेशा की तरह सब सही पाया गया। अब आज हमने जमीनी हकीकत देखी—जगदलपुर में शराब माफिया और सरकारी तंत्र की मिलीभगत का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है।

केवड़ामुंडा चांदनी चौक स्थित विदेशी शराब दुकान में हमारे सूत्रों ने स्टिंग ऑपरेशन किया, जिसमें यह साफ हुआ कि शराब की ओवररेटिंग के साथ-साथ बिल देने में भी हेरफेर किया जा रहा है।


📌 स्टिंग ऑपरेशन में क्या सामने आया?

🔴 सिंबा प्राइड सीरीज स्ट्रांग 650ml बीयर की MRP ₹220 है, लेकिन दुकानदार ने ₹250 वसूले

🔴 बिल मांगने पर फर्जी बिल दिया गया—सिंबा जंगल 650ml का, जिसका MRP ₹250 है।

🔴 जब सेल्समैन से पूछा गया कि MRP ₹220 होने के बावजूद अधिक पैसे क्यों लिए जा रहे हैं? तो जवाब मिला –
“रेट बढ़ गया है!”

🔴 जबकि बोतल पर स्पष्ट रूप से ₹220 MRP अंकित था


📌 आबकारी निरीक्षक का गैर-जिम्मेदाराना रवैया

जब इस गड़बड़ी को लेकर केवड़ामुंडा चांदनी चौक के आबकारी निरीक्षक श्री अंकित राठौर से संपर्क किया गया, तो उन्होंने बयान देने तक से इनकार कर दिया और कहा –
“मेरे पास टाइम नहीं है, बहुत प्रेसर है!”

सवाल: साहब, जनता की सेवा के लिए आपको नियुक्त किया गया है, लेकिन जनता के लिए आपके पास समय नहीं है?

🔴 जब निरीक्षक का यह रवैया है, तो भ्रष्टाचार पर कार्रवाई कैसे होगी?


📌 जिला कलेक्टर को गुमराह करने की साजिश?

🔴 आबकारी विभाग की जांच टीम हर बार सबकुछ सही होने की रिपोर्ट देती है, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही कहती है

🔴 क्या आबकारी विभाग की जांच टीम जिला कलेक्टर को गुमराह कर रही है?

🔴 क्या यह भ्रष्टाचार का बड़ा खेल है, जिसमें आबकारी अधिकारी भी शामिल हैं?


📌 हम जिला कलेक्टर और जांच टीम से मांग करते हैं – सीसीटीवी फुटेज चेक करें!

📍 आज दिनांक: 23/02/2025, समय: 2:56 PM – हमारे सूत्रों द्वारा सिंबा प्राइड बीयर (2 बोतल) खरीदी गई, बिल मांगा गया और ₹500 का भुगतान किया गया

📍 बिल में सिंबा जंगल 650ml (MRP ₹250) दिखाया गया, यानी फर्जी बिल दिया गया।

अब जिला प्रशासन और आबकारी विभाग को चाहिए कि दुकान के सीसीटीवी फुटेज की जांच करें।
अगर प्रशासन दावा करता है कि कोई गड़बड़ नहीं हो रही, तो कैमरों की रिकॉर्डिंग देखकर दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा!


📌 क्या भाजपा सरकार भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई करेगी?

छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार सुशासन और भ्रष्टाचार-मुक्त प्रशासन का दावा करती है, लेकिन ऐसे मामलों में अगर दोषी अधिकारियों, ठेका कंपनी, सेल्समैन और सुपरवाइजर पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तो जनता का सरकार और प्रशासन से भरोसा उठ जाएगा।

अब देखना यह होगा कि:

जिला कलेक्टर इस घोटाले पर क्या कार्रवाई करते हैं?

आबकारी विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों पर क्या सख्त कदम उठाए जाएंगे?

क्या सरकार सच में सुशासन लागू कर पाएगी या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा?


📌 जनता के सवाल:

अगर MRP ₹220 है, तो दुकानदार ₹250 क्यों वसूल रहे हैं?

बिल मांगने पर फर्जी बिल क्यों दिया जा रहा है?

आबकारी निरीक्षक खुद मामले पर जवाब देने से क्यों भाग रहे हैं?

जांच टीम हर बार सबकुछ सही दिखाने की कोशिश क्यों कर रही है?

क्या भाजपा सरकार भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई करेगी या फिर जनता को लुटने दिया जाएगा?


📌 अब जिम्मेदारी जिला प्रशासन की – सीसीटीवी फुटेज देखकर कार्रवाई करें!

📢 अब प्रशासन को यह तय करना होगा कि वह जनता के साथ खड़ा है या शराब माफिया के साथ?

📢 अगर आबकारी विभाग और जिला प्रशासन सच में ईमानदार हैं, तो उन्हें सीसीटीवी फुटेज देखकर कार्रवाई करनी चाहिए

📢 अगर कार्रवाई नहीं होती, तो यह साफ हो जाएगा कि शराब दुकानों में हो रही लूट के पीछे बड़े अधिकारियों की मिलीभगत है!

⚡ अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और आबकारी विभाग क्या कार्रवाई करते हैं – या फिर यह मामला भी फाइलों में दबा दिया जाएगा?

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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