“रंग और रोशनी: जब होली और शब-ए-बारात एक साथ आए”
जगदलपुर, 11 मार्च 2025 – इस साल 14 मार्च 2025 को इतिहास एक अनोखी गवाही देने जा रहा है। रंगों की खुशबू और इबादत की रौशनी एक साथ जगमगाएगी, जब हिंदू-मुस्लिम दोनों समुदायों के दो बड़े पर्व – होली और शब-ए-बारात एक ही दिन मनाए जाएंगे।
बाजारों में सजी खुशियों की दुकानें
जगदलपुर के गोलबाजार, संजय मार्केट, कुम्हारपारा चौक और लालबाग मैदान में होली के लिए रंगों, पिचकारियों और मिठाइयों की दुकानें सज चुकी हैं। वहीं, मुस्लिम समुदाय के लिए इबादत की रात की तैयारियां भी जोरों पर हैं।
होली: भाईचारे के रंगों से सराबोर
होली सिर्फ रंगों का नहीं, बल्कि प्रेम और भाईचारे का पर्व भी है। इस बार यह त्योहार और खास बन गया है, क्योंकि उसी रात मुस्लिम समुदाय शब-ए-बारात की पाक रात में इबादत करेगा।
शब-ए-बारात: रहमत और मगफिरत की रात
इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार, शाबान का महीना आठवां होता है और इसकी 14वीं व 15वीं रात को शब-ए-बारात मनाई जाती है। इस बार शब-ए-बारात 13 मार्च की रात से 14 मार्च तक मनाई जाएगी। इस रात को मुस्लिम समुदाय अल्लाह से रहमत और मगफिरत की दुआ करता है, कब्रिस्तानों में फातिहा पढ़ता है और जरूरतमंदों की मदद करता है।
शहर में सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम
बस्तर पुलिस ने दोनों पर्वों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए कड़े सुरक्षा इंतज़ाम किए हैं। शहरभर में पुलिस बल तैनात रहेगा ताकि सभी लोग अपने त्योहार को खुशी और सौहार्द से मना सकें।
जब एकता की मिसाल बनेगा भारत!
यह सिर्फ तारीखों का संयोग नहीं, बल्कि भारत की गंगा-जमुनी तहजीब का उदाहरण है, जहां रंगों की मस्ती और इबादत की शांति एक साथ दिखेगी। इस बार होली के रंग गुलाल में सद्भाव, प्रेम और भाईचारे की खुशबू घुल जाएगी, और शब-ए-बारात की रात इबादत के साथ शांति और सौहार्द का संदेश देगी।