राजस्व अधिकारियों को अपने मूल कार्य पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह, जनसमस्याओं के शीघ्र समाधान के लिए शिविर और जनदर्शन आयोजित करने के निर्देश
जगदलपुर, 20 मार्च 2025 – बस्तर संभाग के कमिश्नर श्री डोमन सिंह ने गुरुवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से संभाग स्तरीय राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को अपने मूल कार्यों पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी, जिससे किसानों और भू-स्वामियों की राजस्व से जुड़ी समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके।
कमिश्नर ने निर्देश दिए कि जनसमस्याओं के समाधान हेतु नियमित रूप से जनसमस्या निवारण शिविरों और जनदर्शन कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए। इसके अलावा, राजस्व शिविर और राजस्व पखवाड़ा आयोजित कर स्थानीय स्तर पर लंबित प्रकरणों को शीघ्र निपटाने की रणनीति अपनाई जाए।
राजस्व मामलों के शीघ्र निपटारे पर जोर
कमिश्नर श्री सिंह ने कहा कि राजस्व प्रकरणों का निराकरण निर्धारित समय-सीमा के भीतर किया जाना चाहिए। सभी राजस्व न्यायालयों के पीठासीन अधिकारी नियमित सुनवाई करें और ई-कोर्ट में पंजीकृत प्रकरणों की समीक्षा कर सुनवाई हेतु रोस्टर तैयार करें। उन्होंने अविवादित एवं विवादित नामांतरण-बंटवारा, डायवर्सन, सीमांकन जैसे मामलों को शीघ्र निपटाने के निर्देश दिए।
भू-अर्जन और मुआवजा वितरण को सर्वोच्च प्राथमिकता
भू-अर्जन मामलों में अवार्ड पारित करने के बाद मुआवजा वितरण और रिकॉर्ड दुरुस्तीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही गई। कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि वनाधिकार पट्टों के नामांतरण और बंटवारे को संवेदनशीलता से निपटाया जाए। उन्होंने राजस्व और वन विभाग के अधिकारियों के समन्वय से वन परिक्षेत्र अधिकारी कार्यालयों में आवेदन पत्र प्राप्त करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
प्राकृतिक आपदा पीड़ितों को शीघ्र सहायता
कमिश्नर ने राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के अंतर्गत मामलों के शीघ्र निराकरण और प्राकृतिक आपदा पीड़ितों को त्वरित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा, स्कूली छात्रों को जाति, निवास एवं आय प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया में तेजी लाने की बात भी कही।
लोक सेवा केंद्रों की सुचारू व्यवस्था
उन्होंने लोक सेवा केंद्रों के माध्यम से नागरिकों को सुविधाएं सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए कहा कि एसडीएम एवं तहसील कार्यालयों का नियमित निरीक्षण किया जाए। इन कार्यालयों में आम जनता के बैठने और पेयजल की उचित व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए गए।
रिकॉर्ड रूम में भू-अभिलेखों का सुरक्षित संधारण अनिवार्य
कमिश्नर ने सभी जिलों में राजस्व रिकॉर्ड रूम को व्यवस्थित करने और भू-अभिलेखों के सुरक्षित संधारण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसानों और भू-स्वामियों के लिए उनकी जमीन का रिकॉर्ड बेहद महत्वपूर्ण है, इसलिए अभिलेखों का डिजिटलीकरण और सुरक्षित रखरखाव सुनिश्चित किया जाए।
रिकॉर्ड रूम की सुरक्षा के लिए निम्नलिखित उपाय किए जाएं:
- रिकॉर्ड रूम की नियमित सफाई
- निर्धारित समय पर दवा का छिड़काव
- CCTV, अग्निशमन यंत्र और इलेक्ट्रिक कटआउट की उचित व्यवस्था
- रिकॉर्ड रूम की नियमित निगरानी
कमिश्नर ने वनाधिकार पट्टों से संबंधित रिकॉर्ड को भी सुरक्षित रूप से संधारित करने के निर्देश दिए।
संभाग के सभी जिले वर्चुअल बैठक में हुए शामिल
बैठक में बस्तर जिले के NIC कक्ष में अपर कलेक्टर श्री CP बघेल, श्री ऋषिकेश तिवारी, डिप्टी कमिश्नर श्री BS सिदार, सभी SDM और तहसीलदार उपस्थित रहे। इसके अलावा, दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा, कोंडागांव, नारायणपुर और कांकेर जिलों के राजस्व अधिकारी वर्चुअल रूप से जुड़े रहे।
निष्कर्ष
इस संभाग स्तरीय बैठक में राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण, जनसमस्या समाधान, भू-अभिलेखों की सुरक्षा और प्रशासनिक कार्यों की पारदर्शिता को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कमिश्नर श्री सिंह ने अधिकारियों को समयबद्ध और प्रभावी प्रशासनिक कार्यों के लिए तत्पर रहने के निर्देश दिए, जिससे बस्तर संभाग में सुशासन को और अधिक सशक्त किया जा सके।