जगह-जगह गड्ढों में तब्दील हो चुकी यह सड़क अब लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गई है।
रिपोर्ट ऋषभ कुमार
जगदलपुर (छोटे कड़मा-लामकेर-उपनपन): प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत बनाई गई सड़कें ग्रामीण संपर्क के लिए महत्वपूर्ण हैं, लेकिन जगदलपुर के छोटे कड़मा, लामकेर और उपनपन गांवों को जोड़ने वाली सड़क की हालत बेहद खराब हो चुकी है। सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्य सड़कों से जोड़ने और यातायात को सुगम बनाने के उद्देश्य से यह सड़क बनाई गई थी, लेकिन रखरखाव की कमी और लापरवाही के कारण यह अब जर्जर हो चुकी है।
सड़क की मौजूदा स्थिति
जगह-जगह गड्ढों में तब्दील हो चुकी यह सड़क अब लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गई है।
बरसात में सड़क पर पानी भर जाता है, जिससे कीचड़ और फिसलन की समस्या होती है।
कई स्थानों पर डामर उखड़ चुका है, जिससे वाहनों और पैदल यात्रियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण के दौरान घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया, जिसके चलते सड़क कुछ ही सालों में खराब हो गई।
PMGSY के नियम और रखरखाव की अनदेखी
PMGSY के नियमों के तहत बनी किसी भी सड़क का पाँच साल तक मेंटेनेंस ठेकेदार की जिम्मेदारी होती है, लेकिन इस सड़क के रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया गया। सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार –
- निर्माण के बाद हर साल मेंटेनेंस जरूरी – इसमें सड़क की मरम्मत, गड्ढों को भरना, ड्रेनेज सुधारना शामिल होता है।
- सड़क की उम्र कम से कम 10-15 साल होनी चाहिए, लेकिन घटिया निर्माण के कारण यह कुछ ही वर्षों में खराब हो गई।
- निगरानी प्रणाली (Monitoring System) लागू होनी चाहिए – ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण के बाद से किसी भी अधिकारी ने इसकी हालत का जायजा नहीं लिया।
ग्रामीणों का आक्रोश और प्रशासन की चुप्पी
छोटे कड़मा, लामकेर और उपनपन गांवों के ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन को शिकायत दी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि –
बच्चों को स्कूल जाने में दिक्कत होती है।
बीमार मरीजों को अस्पताल ले जाना मुश्किल हो गया है।
कृषि उपज बाजार तक नहीं पहुंच पाती, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
प्रशासन और ठेकेदार की जिम्मेदारी तय होगी?
PMGSY के नियमों के तहत ठेकेदार पर मेंटेनेंस की अनदेखी के लिए कार्रवाई का प्रावधान है, लेकिन सवाल यह उठता है कि प्रशासन कब जागेगा? अगर जल्द ही सड़क की मरम्मत नहीं हुई तो ग्रामीण बड़े आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं।
सरकार से मांग
- सड़क की तुरंत मरम्मत कराई जाए।
- ठेकेदार की लापरवाही की जांच हो।
- भविष्य में निर्माण कार्य की सख्त निगरानी हो ताकि घटिया सड़कें न बनें।
- भ्रष्ट अधिकारियों और ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई हो।
अगर समय रहते प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया तो यह समस्या और गंभीर हो सकती है।