**रिपोर्ट ओम साहू **

अपराध पर शिकंजा, म्यूल अकाउंट धारकों की हुई पहचान

साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के लिए इंडियन साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) एवं पुलिस मुख्यालय नवा रायपुर द्वारा जारी निर्देशों के तहत बस्तर पुलिस को म्यूल बैंक अकाउंट के खिलाफ वैधानिक कार्यवाही करने के निर्देश मिले हैं। इसी क्रम में पुलिस महानिरीक्षक श्री पी. सुंदरराज एवं पुलिस अधीक्षक श्री शलभ कुमार सिन्हा के मार्गदर्शन में साइबर क्राइम पोर्टल में रिपोर्टेड म्यूल अकाउंट्स की गहन जांच की जा रही है।

जांच के दौरान बैंक खातों में हुए संदिग्ध ट्रांजेक्शन, एक ही व्यक्ति के नाम पर एक से अधिक बैंक अकाउंट, एवं अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर साइबर अपराध में संलिप्त म्यूल अकाउंट धारकों को चिन्हांकित किया गया है।

कैसे साइबर अपराध में हो रहा था म्यूल अकाउंट्स का उपयोग?

बैंक अकाउंट खोलकर साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराने वालों की धरपकड़ के लिए बस्तर पुलिस ने योजनाबद्ध कार्रवाई की। साइबर अपराध के विभिन्न तरीकों जैसे – डिजिटल अरेस्ट, शेयर ट्रेडिंग फर्जी ऐप्स, क्रिप्टो करेंसी इन्वेस्टमेंट, टेलीग्राम टास्क, बैंक KYC अपडेट एवं गूगल सर्च फ्रॉड के माध्यम से बैंक खातों का अवैध उपयोग किया जा रहा था।

मुख्य आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी

बलराम कश्यप पिता संपत कश्यप (निवासी गुफनी ग्राम पंचायत, दुबेउमरगांव, भानपुरी, जिला बस्तर) द्वारा सिटी कोतवाली में लिखित शिकायत दी गई थी। उन्होंने बताया कि लप्पी उर्फ भव्य नाहटा (निवासी जगदलपुर) एवं गोंचू विश्वकर्मा (निवासी दुबे उमरगांव, नयागुड़ा) ने उन्हें झांसे में लेकर बैंक ऑफ महाराष्ट्र, जगदलपुर में खाता खुलवाने को कहा। आरोपियों ने हर महीने 3000 रुपये मिलने का लालच देकर उनके और उनके दोस्तों (हीरालाल, तुलसी पोयाम) के नाम पर खाते खुलवाए।

कुछ दिनों बाद लप्पी उर्फ भव्य नाहटा ने उनके एटीएम और बैंक किट ले लिए और जब पैसों की मांग की गई, तो बहाने बनाकर टालता रहा। जांच के दौरान पता चला कि इन खातों का उपयोग गुजरात, महाराष्ट्र, बिहार और तेलंगाना में साइबर फ्रॉड में किया जा रहा था।

आवेदक बलराम कश्यप के लिखित शिकायत के आधार पर थाना सिटी कोतवाली, जगदलपुर में अपराध क्रमांक 105/2025, धारा 318(4), 317(2), 317(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया। इस मामले में मुख्य आरोपी लप्पी उर्फ सुरज की गिरफ्तारी हो चुकी है और उसके बैंक ट्रांजेक्शनों की विस्तृत जांच जारी है।

बस्तर पुलिस की आम जनता से अपील:

  1. अपने बैंक खाते और संबंधित दस्तावेज किसी अनजान व्यक्ति को न दें।
  2. अगर आपके खाते में किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा पैसे भेजे गए हैं, तो तुरंत पुलिस व साइबर सेल को सूचित करें।
  3. बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड और अन्य बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें, अन्यथा कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
  4. बैंकों को निर्देशित किया गया है कि खाता खोलते समय आरबीआई के दिशानिर्देशों का पालन करें।
  5. खाताधारकों को अपने बैंक अकाउंट की नियमित निगरानी करनी चाहिए, ताकि उनका खाता साइबर अपराध में प्रयोग न हो।
  6. किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत कॉल करें।

बस्तर पुलिस साइबर अपराध को रोकने के लिए सतर्कता से कार्य कर रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। आम जनता से अपील है कि वे साइबर अपराध से बचें और किसी भी संदेहास्पद गतिविधि की सूचना पुलिस को दें।

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

Leave a Reply