Eid-Ul-Fitra 2025: पाकिस्तानी इस्लामिक स्कॉलर मौलाना तारिक जमील ने रमजान के महीने को लेकर चौंकाने वाला बयान दिया है। उन्होंने बताया कि इस पाक महीने में जन्नत के दरवाजे खोल दिए जाते हैं और जहन्नुम के दरवाजे बंद कर दिए जाते हैं। साथ ही, हर दिन जन्नत को खूबसूरती से सजाया जाता है।
रमजान में मरने वालों को मिलती है माफी?
मौलाना तारिक जमील ने कहा कि अगर कोई इस पाक महीने में दुनिया से चला जाता है, तो अल्लाह उससे कोई हिसाब नहीं लेता और उसे माफ कर दिया जाता है। रमजान का पूरा महीना अल्लाह की रहमतों से भरा हुआ होता है, और यह मुसलमानों के लिए सबसे बड़ी नेमत है।
रमजान में फर्ज और नफल की अहमियत बढ़ जाती है!
उन्होंने बताया कि रमजान के दौरान किया गया फर्ज 70 फर्जों के बराबर हो जाता है, और नफल (अतिरिक्त इबादत) का दर्जा भी फर्ज के बराबर हो जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि फर्ज और नफल का अंतर इतना बड़ा होता है कि अगर कोई इंसान कयामत तक नफल अदा करता रहे, तो भी वह फर्ज की एक रकात के सजदे के बराबर नहीं होगा।
रमजान की आखिरी रात अल्लाह ऐलान करते हैं…
मौलाना तारिक जमील ने कहा कि रमजान के आखिरी दिन अल्लाह अपने बंदों की इबादत से खुश होकर ऐलान करते हैं कि मैंने अपने बंदों की बख्शीश कर दी। इस खुशी में सभी लोग शुकराने के दो नफल अदा करते हैं और अल्लाह का शुक्र अदा करते हैं।
ईद की असली खुशी क्या है?
मौलाना ने बताया कि ईद केवल नए कपड़े पहनने और मीठा खाने का नाम नहीं है, बल्कि यह अल्लाह की रहमतों और गुनाहों की माफी की खुशी मनाने का दिन है।
रमजान की इन खास बातों को जानकर आप भी अल्लाह की इबादत में और ज्यादा लग जाएंगे! इस खबर को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें और दूसरों को भी रमजान की अहमियत बताएं।