Report Om sahu

नई दिल्ली: लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पेश होते ही विपक्ष और सरकार आमने-सामने आ गए। कांग्रेस और असदुद्दीन ओवैसी ने इसे असंवैधानिक बताते हुए विरोध किया, जबकि सरकार ने इसे पारदर्शिता लाने वाला सुधारात्मक कदम करार दिया।

विपक्ष का विरोध, सरकार की सफाई

अमित शाह ने कहा कि 2013 में वक्फ कानूनों के दुरुपयोग को रोकने के लिए यह संशोधन जरूरी है। विपक्ष ने इसे धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला बताया। ओवैसी ने बिल की प्रति फाड़कर विरोध जताया।

सरकार का दावा

गृह मंत्री शाह ने स्पष्ट किया कि गैर-मुस्लिमों को वक्फ संपत्तियों में कोई भूमिका नहीं दी जाएगी। विधेयक का उद्देश्य केवल संपत्तियों के दुरुपयोग को रोकना है।

विरोध और समर्थन

राजग के सभी सहयोगी दल सरकार के साथ खड़े रहे, जबकि राजस्थान में मुस्लिम संगठनों ने विधेयक के खिलाफ प्रदर्शन किया।

वक्फ बोर्ड की संपत्ति और आय

वक्फ बोर्ड के पास रेलवे के बराबर लाखों एकड़ भूमि है, लेकिन आय केवल ₹126 करोड़ है।

सरकारी रुख

गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया: “संसद का कानून सबको स्वीकार करना पड़ेगा। यह कानून भारत सरकार का है, हर किसी पर लागू होगा और हर किसी को स्वीकार करना पड़ेगा।”

निष्कर्ष

संसद में विधेयक पर गरमागरम बहस जारी है। अब देखना होगा कि यह विधेयक आगे क्या मोड़ लेता है।

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

Leave a Reply