रिपोर्ट ओम साहू

दंतेवाड़ा जिले के गीदम में मेडिकल कॉलेज भवन के निर्माण की राह अब साफ हो गई है। सरकार ने डीएमएफ (जिला खनिज संस्थान न्यास) निधि से 299 करोड़ 85 लाख रुपए की मंजूरी दी है, जिससे इस महत्वपूर्ण परियोजना को गति मिलेगी।

स्वास्थ्य सुविधाओं में बड़ा सुधार

मेडिकल कॉलेज बनने से न केवल दंतेवाड़ा बल्कि पूरे बस्तर संभाग को अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। इस कदम से स्थानीय जनता को बड़े शहरों की ओर रुख करने की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएं उनके द्वार पर उपलब्ध होंगी।

सरकार की प्राथमिकता – जनहित में प्रभावी उपयोग

प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि डीएमएफ राशि का उपयोग जनकल्याण और बुनियादी ढांचे के विकास में किया जाएगा। गीदम में मेडिकल कॉलेज निर्माण इसी नीति का हिस्सा है, जिससे भविष्य में क्षेत्र के युवाओं को मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे।

स्थानीय लोगों को मिलेगा सीधा लाभ

  • बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं – अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस अस्पताल और विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध होंगे।
  • रोजगार के अवसर – मेडिकल कॉलेज बनने से डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और अन्य चिकित्सा कर्मियों के लिए नौकरियों के द्वार खुलेंगे।
  • बस्तर संभाग में स्वास्थ्य क्रांति – पूरे क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर ऊंचा उठेगा और चिकित्सा क्षेत्र में नया अध्याय जुड़ जाएगा।

#संवर_रहा_छत्तीसगढ़

सरकार की इस पहल से बस्तर का दंतेवाड़ा मेडिकल हब बनने की ओर अग्रसर है, जिससे प्रदेश के विकास को नई दिशा मिलेगी।

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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