
जगदलपुर, बस्तर (छत्तीसगढ़)
जिला खनिज विभाग में अवैध रेत कारोबार पर शिकंजा कसने के बजाय माफियाओं को संरक्षण देने के आरोप अब खुलकर सामने आने लगे हैं।
21 अप्रैल 2025 को कोहकापाल लिटिगुड़ा पारा से जप्त की गई अवैध रेत का आधा हिस्सा तीन महीने में चोरी-छिपे नहीं बल्कि खुलेआम शहर में बेचा जा चुका है — और यह काम उन्हीं माफियाओं ने किया जिन पर कार्रवाई दिखाने के लिए नोटिस जारी किए गए थे!
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⚡ “चौकीदार ही चोर है!” — गांव वालों का आरोप
गांव के लोगों का सीधा आरोप है कि जप्त रेत की सुरक्षा के लिए जिस कोटवार (ग्राम प्रहरी) को खनिज विभाग ने जिम्मेदारी दी थी, उसी के नाम पर नोटिस जारी हुआ है।
मतलब जिन पर चोरी रोकने की जिम्मेदारी थी, वही चोरी में शामिल निकले — पूरा सिस्टम सवालों के घेरे में है!
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✅ खनिज अधिकारी शिखर चेरपा का गैरजिम्मेदाराना बयान
जब खनिज अधिकारी श्री शिखर चेरपा से पूछा गया कि —
> “आपके विभाग द्वारा जप्त रेत को उन्हीं रेत माफियाओं द्वारा चोरी करके शहर में बेचा जा रहा है। आप क्या कार्रवाई करेंगे?”
तो उनका जवाब था —
> “मैं ऑफिस में रहता हूं, मुझे इसकी जानकारी नहीं है।”
अब सवाल उठता है — अगर खनिज निरीक्षक और अधिकारी को ही जानकारी नहीं है, तो फिर विभाग चला कौन रहा है?
क्यों नहीं जप्त रेत पर 24×7 निगरानी रखी गई?
क्यों नहीं CCTV या गार्ड लगाए गए?
क्यों नहीं संबंधित कोटवार और इंस्पेक्टर पर तत्काल FIR दर्ज की गई?
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वीडियो फुटेज सामने — हाइवा पर कार्रवाई का वादा
गांव के लोगों ने धुलाई करते हाइवा का वीडियो भी दिया है जिसमें जप्त रेत शहर के नामी बिल्डरों तक पहुँचाई जा रही है।
खनिज अधिकारी ने कहा —
> “आप वीडियो दीजिए, मौके पर जाकर गाड़ी जप्त करेंगे।”
लेकिन सवाल यह है कि जब तीन महीने में आधी रेत चोरी हो गई तब तक अधिकारी क्या कर रहे थे?
क्या विभाग को हर चीज का सबूत जनता ही देती रहेगी?
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गांव वालों के आरोप — विभाग की मिलीभगत से ही माफिया राज
गांव वालों ने खुलकर कहा —
> “विभाग के संरक्षण के कारण ही माफिया इतने बेखौफ हैं। अफसरों की गैर जिम्मेदारी के चलते सरकार को लाखों का राजस्व नुकसान हो रहा है और माफिया राज फल-फूल रहा है।”
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❗ जनता के तीखे सवाल
✅ क्या जप्त रेत चोरी करने वाले कोटवार पर FIR होगी या उसे बचा लिया जाएगा?
✅ क्या हाइवा मालिकों और माफियाओं पर सीधी कार्रवाई होगी?
✅ कब तक “हमें जानकारी नहीं” कहकर अफसर जिम्मेदारी से भागते रहेंगे?
✅ क्या सरकार विभाग की इस लापरवाही को नजरअंदाज करेगी?
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जनता की मांग
जप्त रेत के गबन के लिए जिम्मेदार सभी कर्मचारियों और कोटवार पर केस दर्ज हो।
संबंधित इंस्पेक्टर और खनिज निरीक्षक की भूमिका की स्वतंत्र जांच हो।
धुलाई करते हाइवा वाहन CG 17 KU 6190 को तत्काल जब्त कर माफियाओं की सप्लाई लाइन बंद हो।
शासन को चाहिए कि खनिज विभाग की कार्यशैली की सीबीआई या EOW से जांच कराए — ताकि साफ हो कि चोरी में कौन-कौन शामिल है।