रिपोर्ट: ऋषभ कुमार सम्पादक छत्तीसगढ़ पहट

जगदलपुर/बकावंड।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत कर्पावंड से गरेंगा तक लगभग 2 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण जून 2025 में किया गया था। इस सड़क का निर्माण कुशवाहा कंस्ट्रक्शन द्वारा 92 लाख रुपए की लागत से किया गया। कार्यपालन अभियंता (EE) राहुल चंद्राकर की देखरेख में निर्मित इस सड़क की हकीकत आज चौंकाने वाली है।

सड़क आज तालाब में तब्दील हो चुकी है। बरसात का पानी जमा होने से सड़क का अस्तित्व खत्म होता जा रहा है और ग्रामीणों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। यह हाल उस सड़क का है, जिसे अभी कुछ ही महीनों पहले “पूर्ण” बताकर उद्घाटन किया गया था।

गांव के लोग साफ कह रहे हैं कि –

> “भ्रष्टाचार खुद चिल्ला-चिल्ला कर कह रहा है कि जनता का पैसा सड़क निर्माण के नाम पर गबन हो रहा है।”

ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारी मामले को नजरअंदाज कर रहे हैं और कार्रवाई की कोई उम्मीद नहीं दिख रही। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब करोड़ों की योजनाओं का हाल कुछ महीनों में उजड़ जाता है तो जिम्मेदारी तय क्यों नहीं होती।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जनता को बेवकूफ समझने वाले अधिकारी और ठेकेदार थोड़ी सब्र करें। जल्द ही जनता सड़क पर उतर कर जवाब देगी।

यह मामला अब बस्तर में पीएमजीएसवाई योजनाओं में गुणवत्ता और भ्रष्टाचार पर गंभीर सवाल खड़ा कर रहा है।

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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