सरपंच बोले– अनुमति नहीं… थाना प्रभारी का अजीबोगरीब जवाब, SP ने कहा– तुरंत होगी कार्रवाई
बकावंड/करपावंड। बकावंड ब्लॉक के करपावंड थाना क्षेत्र के ग्राम पाथरी में मेला–मंडई के नाम पर इस बार मनोरंजन से ज्यादा अवैध जुआ चर्चा का विषय बना हुआ है। झंडा–मुंडा, कुडकुरिया जैसे खेलों में रोजाना सैकड़ों ग्रामीण अपनी मेहनत की कमाई हार रहे हैं।
मनोरंजन का दावा करने वाले सट्टेबाज इस खेल को अपनी कमाई की मशीन बनाकर शाम 4 बजे से रात 9 बजे तक और फिर रात 10 बजे से सुबह 4 बजे तक लगातार तंबू के अंदर जुआ खिला रहे हैं।
उड़ीसा से आते हैं सट्टेबाज, 15–20 लोगों की टीम लगाकर कराते हैं खेल
स्थानीय लोगों का कहना है कि उड़ीसा सीमावर्ती इलाकों से आने वाले सट्टेबाज मंडई लगते ही पूरे सेटअप के साथ पहुंच जाते हैं। टोकरी, छह पासे, छह डिब्बे वाला कपड़ा और 15 से 20 लोगों की टीम मिलकर तंबू के अंदर जुआ चलाते हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक की भीड़ यहाँ रोज जुट रही है, जिससे सामाजिक और आर्थिक स्तर पर गंभीर असर पड़ रहा है।
सरपंच ने किया साफ इंकार — “पंचायत ने अनुमति नहीं दी”
ग्रामीणों की शिकायत पर जब पाथरी के सरपंच संमदु कश्यप से बात की गई तो उन्होंने साफ शब्दों में कहा—
“जुआ खिलाने की कोई अनुमति पंचायत ने नहीं दी है। यह सब हमारी जानकारी के बिना हो रहा है।”
सरपंच का यह बयान मेला प्रबंधन और स्थानीय मॉनिटरिंग पर बड़े सवाल खड़े करता है कि जब पंचायत की अनुमति नहीं है, तो तंबू, लाइट, साउंड और भीड़ के बीच चल रहे इस अवैध जुए पर किसकी नजर है?
थाना प्रभारी का चौंकाने वाला बयान — “मैं क्या परमिशन देने लगता हूँ?”
करपावंड थाना प्रभारी से अनुमति और कार्रवाई को लेकर सवाल पूछे गए तो उन्होंने कड़े लहजे में जवाब दिया—
“मैं क्या परमिशन देने वाला लगता हूँ? आप लोग कैसी–कैसी बात करते हो… मुझे कुछ समझ नहीं आता!”
थाना प्रभारी के इस जवाब ने ग्रामीणों और मीडिया में हैरानी पैदा कर दी है। उत्तरदायित्व वाले पद पर बैठे अधिकारी का ऐसा बयान कानून-व्यवस्था और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
SP शलभ कुमार सिन्हा ने भी लिया संज्ञान — “एक्शन तुरंत होगा”
बस्तर SP शलभ कुमार सिन्हा से मोबाइल पर बातचीत में उन्होंने कहा—
“टीम भेज दी जाएगी, जुआ खिलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
SP के इस आश्वासन के बाद ग्रामीणों में उम्मीद जगी कि इस बार मेला–मंडई में चल रहे अवैध जुए पर कड़ा एक्शन होगा और जिम्मेदार लोगों पर भी कार्रवाई होगी।
लेकिन कुछ समय बाद सट्टा खिलाने वाले को छोड़ दिया गया, कार्रवाई अधूरी!
ग्रामीणों का आरोप है कि SP के संज्ञान लेने के बाद कुछ देर तक दबाव जरूर बना, लेकिन बाद में सट्टा खिलाने वाले को छोड़ दिया गया और आगे कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आई।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब जिला स्तर से सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे, तो फिर जुआ खिलाने वालों को बिना ठोस कानूनी कार्रवाई के कैसे छोड़ दिया गया?
मोहन नेताम पर आरोप, बाद में मुकर गया – ग्रामीणों में बढ़ा आक्रोश
स्थानीय लोगों के मुताबिक मोहन नेताम नाम का व्यक्ति जुआ खिलाने में शामिल था, लेकिन बाद में वह भी अपने ऊपर लगे आरोपों से मुकर गया। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल मंडई में ऐसे ही जुआ चलता है, शिकायत होती है, लेकिन परिणाम शून्य रहता है।
ग्रामीणों में नाराजगी: हर साल मंडई में ऐसे ही चलता है खेल, इस बार सख्त कार्रवाई की मांग
- मेला–मंडई के नाम पर खुलेआम जुआ
- उड़ीसा से आने वाले सट्टेबाजों का नेटवर्क
- बच्चों तक को दांव लगाने की खुली छूट
- स्थानीय स्तर पर निगरानी और कार्रवाई पर सवाल
- SP के आश्वासन के बावजूद अधूरी कार्रवाई
ग्रामीणों की साफ मांग है कि इस बार सिर्फ औपचारिकता न हो, बल्कि जिम्मेदारों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि आने वाले सालों में पाथरी की मेला–मंडई जुए का अड्डा नहीं, सचमुच मनोरंजन और संस्कृति का केंद्र बन सके।
📝 रिपोर्ट: ऋषभ कुमार सम्पादक छत्तीसगढ़ पहट न्यूज