रिपोर्ट ऋषभ कुमार सम्पादक
जगदलपुर/बस्तर/ बस्तर जिले के कुम्हारपारा क्षेत्र में महारा समाज के तत्वावधान में सनातन धर्म में घर वापसी का कार्यक्रम विधिवत रूप से संपन्न हुआ। इस अवसर पर घासीराम बेसरा, गीता नेताम, अतुल नेताम एवं रेहान नेताम ने धार्मिक विधि-विधान के साथ सनातन धर्म में पुनः प्रवेश किया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ये परिवार विगत लगभग 20 वर्षों से ईसाई पंथ का अनुसरण कर रहे थे और अब स्वेच्छा से अपनी मूल सनातन परंपरा में लौटे हैं।
घर वापसी कार्यक्रम सनातन संस्कृति, परंपरा एवं सामाजिक समरसता के अनुरूप धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ। इस दौरान समाजजनों एवं पदाधिकारियों ने घर वापसी करने वाले परिवारों का स्वागत कर उन्हें सनातन परंपराओं से पुनः जोड़ने का संकल्प व्यक्त किया।
महारा समाज के संभागीय अध्यक्ष श्री कन्हैया सोना ने कहा कि महारा समाज निरंतर घर वापसी के कार्य में सक्रिय है और आगे भी कुछ मतांतरित परिवार स्वेच्छा से सनातन धर्म में लौटने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही विधिवत कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें भी सनातन परंपराओं से जोड़ा जाएगा।
बजरंग दल के जिला संयोजक श्री मुन्ना बजरंगी ने कहा कि सनातन धर्म विश्व का सबसे प्राचीन और समरसता पर आधारित धर्म है। घर वापसी के माध्यम से समाज के लोग अपनी मूल संस्कृति, परंपरा और पहचान से पुनः जुड़ रहे हैं। यह किसी प्रकार का दबाव नहीं, बल्कि स्वेच्छा से अपने पूर्वजों की आस्था में लौटने का अभियान है।
उन्होंने आगे कहा कि बजरंग दल सदैव समाज में सांस्कृतिक जागरण और सामाजिक एकता को मजबूत करने के लिए कार्य करता रहेगा।
कार्यक्रम में महारा समाज के संभाग संयोजक विनय सोना, संरक्षक नवल नाग, जिला अध्यक्ष कन्हैया सोना, उपाध्यक्ष घनश्याम नाग, अमित मेहरा सहित बजरंग दल के कार्यकर्ता एवं समाज के अनेक पदाधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन सनातन संस्कृति, सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे के संदेश के साथ शांतिपूर्ण वातावरण में किया गया।