💥 2 घंटे में बन गई लाखों की सड़क!
Report Rishabh Kumar
📍 जगदलपुर | प्रेस विज्ञप्ति
जगदलपुर नगर निगम अंतर्गत लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा सड़क चौड़ीकरण के नाम पर किए गए निर्माण कार्य अब गंभीर सवालों के घेरे में हैं। आरोप है कि सड़क चौड़ीकरण की जगह केवल डामर पेव वर्क किया गया, जबकि कागज़ों में करोड़ों रुपये का भुगतान दिखा दिया गया।
🚨 65 लाख की सड़क, 2–4 घंटे का काम!
शांति नगर वार्ड में
लाल चर्च – नगर निगम चौक – बस स्टैंड मार्ग
पर 65 लाख रुपये खर्च दिखाया गया, जबकि स्थानीय नागरिकों के अनुसार यह कार्य मात्र 2 से 4 घंटे में डामर बिछाकर पूरा कर दिया गया।
➡️ न तो वास्तविक सड़क चौड़ीकरण हुआ
➡️ न ही मानकों के अनुरूप सीसी कंक्रीट कार्य
⚠️ 4.76 करोड़ का बजट, जमीनी हकीकत कुछ और
मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के तहत
लाल चर्च इलाका, नयामुंडा, डी.जे. कोर्ट रोड, पुराना पंचायत ऑफिस रोड, एम.पी.एम अस्पताल साइड एवं नवोदय विद्यालय साइड
में सड़क चौड़ीकरण व सीसी नाली निर्माण हेतु
₹4,76,00,000 (चार करोड़ छिहत्तर लाख रुपये) का बजट स्वीकृत किया गया।
लेकिन शहर की जनता ने साफ देखा कि—
- पुरानी सड़क पर ही ऊपर से डामर बिछा दिया गया
- कई जगह डामर पर डामर
- सड़क किनारे अधूरा व घटिया कंक्रीट कार्य
- कहीं-कहीं केवल एक साइड में काम
यह पूरा मामला भारी भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।
🗣️ नरेन्द्र भवानी का बयान
छत्तीसगढ़ युवा मंच के संस्थापक नरेन्द्र भवानी ने कहा—
“सड़क चौड़ीकरण के नाम पर जनता के करोड़ों रुपये खर्च कर दिए गए, जबकि हकीकत में केवल डामर पेव वर्क और घटिया गुणवत्ता का निर्माण हुआ है। यह खुला भ्रष्टाचार है। जिला प्रशासन को तत्काल जांच कर रिपोर्ट सार्वजनिक करनी चाहिए।”
उन्होंने यह भी कहा कि यदि जांच नहीं की जाती, तो आरोप स्वतः सही माने जाएंगे।
🔎 शांति नगर वार्ड में अनियमितताओं की भरमार
भवानी ने बताया कि—
दंतेश्वरी कॉलेज से नगर निगम चौक तक पहले ही पुराने बजट से सीसी कंक्रीट किया गया था, जिसकी गुणवत्ता को लेकर इंजीनियर से शिकायत भी की गई थी।
इसके बाद ओलंपिक खेल आयोजन के दौरान—
⏱️ मात्र 2–4 घंटे में
➡️ सड़क के ऊपर डामर बिछा दिया गया
➡️ निगम चौक से बस स्टैंड तक अधूरा पेव वर्क
➡️ लाल चर्च से कॉलेज चौक तक डामर पर डामर
📄 जिलाधिकारी को सौंपा जाएगा आवेदन
छत्तीसगढ़ युवा मंच ने घोषणा की है कि—
📌 इन सभी निर्माण कार्यों की उच्चस्तरीय जांच हेतु जल्द ही जिलाधिकारी को लिखित आवेदन सौंपा जाएगा
और दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की जाएगी।