
रिपोर्ट: ओम साहू
📍 जगदलपुर | बस्तर
जगदलपुर स्थित सहायक नियंत्रक विधिक माप विज्ञान (नाप-तौल) कार्यालय की स्थिति अब बेहद चिंताजनक हो चुकी है। सरकारी कार्यालय का नाम और बोर्ड तो मौजूद है, लेकिन जमीनी हकीकत बदहाली और लापरवाही की कहानी बयान कर रही है।

🚧 गेट से कार्यालय तक गड्ढों में तब्दील रास्ता
कार्यालय के मुख्य गेट से लेकर भवन तक का पूरा रास्ता गड्ढों से भरा हुआ है। स्थिति इतनी खराब है कि पैदल चलने वाला व्यक्ति भी कभी भी गिर सकता है।
बुजुर्गों, आम नागरिकों और कर्मचारियों के लिए यह रास्ता दुर्घटना का खुला निमंत्रण बन चुका है। बरसात के मौसम में यही गड्ढे पानी से भर जाते हैं, जिससे चोट और हादसे की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।

🌿 परिसर में गंदगी और झाड़ियाँ
- कार्यालय परिसर घनी झाड़ियों से घिरा हुआ है
- कचरा और टूटी सामग्री बिखरी पड़ी है
- भवन लंबे समय से उपेक्षा का शिकार नजर आता है
- कार्यालय का बोर्ड कहीं झुका, कहीं जमीन पर पड़ा दिखता है
- आसपास अवैध अतिक्रमण की स्थिति भी बनती जा रही है

❓ गंभीर सवाल
- क्या यह कार्यालय वास्तव में नियमित रूप से संचालित हो रहा है?
- जब गेट से कार्यालय तक पहुँचना ही मुश्किल है, तो जनता को सेवा कैसे मिलेगी?
- क्या किसी हादसे के बाद ही प्रशासन जागेगा?
नाप-तौल विभाग का सीधा संबंध आम जनता, उपभोक्ताओं और व्यापारियों से जुड़ा है। यदि यही विभाग खुद अव्यवस्था में डूबा है, तो बाजार में तौल की ईमानदारी और निगरानी पर सवाल उठना लाज़मी है।
🔴 The CGPAHAT News पूछता है
क्या किसी के गिरने या घायल होने का इंतज़ार किया जा रहा है?
सरकारी कार्यालय की इस बदहाली की जिम्मेदारी आखिर किसकी है?
📢 अब ज़रूरत है तत्काल मरम्मत, सफाई और जवाबदेही तय करने की।
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✍️ संपादक: Om Sahu