बस्तर के किसान अब कंदीय फसलों से संवारेंगे अपनी तकदीर

रिपोर्ट – जय शंकर पांडे


          जगदलपुर, 03 मार्च, 2026/  कुम्हरावण्ड स्थित शहीद गुण्डाधूर कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र में संचालित अखिल भारतीय समन्वित कन्द फसल अनुसंधान परियोजना द्वारा आदिवासी उपयोजना के अंतर्गत एक दिवसीय विशेष कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में लोहण्डीगुड़ा विकासखंड के ग्राम टाकरागुड़ा से आए 25 से अधिक प्रगतिशील किसानों ने हिस्सा लिया, जहाँ उन्हें कंदीय फसलों की आधुनिक खेती और प्रबंधन के गुर सिखाए गए।


        कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. आरएस नेताम ने किसानों को संबोधित करते हुए कंदीय फसलों की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि पारंपरिक खेती के साथ-साथ कंद वर्गीय फसलों को अपनाना किसानों के लिए न केवल आर्थिक रूप से लाभकारी है, बल्कि यह पोषण सुरक्षा की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसी कड़ी में सह-संचालक अनुसंधान डॉ. एके ठाकुर ने किसानों को फसलों में होने वाले खरपतवार की समस्या और उसके वैज्ञानिक प्रबंधन की विस्तृत जानकारी प्रदान की, ताकि उत्पादन की लागत कम हो और पैदावार में वृद्धि हो सके। प्रशिक्षण के दौरान परियोजना प्रभारी डॉ. पद्माक्षी ठाकुर ने किसानों को अनुसंधान प्रक्षेत्र का भ्रमण कराया।

         उन्होंने विभिन्न कंदीय फसलों की उन्नत किस्मों और उत्पादन की बारीकियों को समझाते हुए किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। फसलों को कीटों और बीमारियों से सुरक्षित रखने के संबंध में डॉ. एनसी मण्डावी ने कीट प्रबंधन के प्रभावी तरीके साझा किए, जबकि श्री प्रहलाद नेताम ने बीमारियों की पहचान और उनसे बचाव के उपायों पर चर्चा की। इसके अतिरिक्त डॉ. गुंजा ठाकुर ने किसानों को कंद फसलों के वैज्ञानिक भंडारण की विधियों से अवगत कराया, जिससे फसल की गुणवत्ता को लंबे समय तक बरकरार रखा जा सके।

        उक्त प्रशिक्षण सत्र की समाप्ति पर उपस्थित किसानों को कृषि कैलेंडर 2026 सहित कोचई (अरबी) के उन्नत बीज, सब्जी बीज और आवश्यक कृषि उपकरण के रूप में कुदाली का वितरण किया गया। इस पूरे आयोजन में डॉ. नीता मिश्रा, डॉ. विनिता पाण्डेय, डॉ. चेतना खाडेकर, सोमा बन्छोर, शालिनी और रिचा सहित संस्थान के अन्य सदस्यों की सक्रिय सहभागिता रही। विशेषज्ञों का विश्वास है कि इस प्रशिक्षण के माध्यम से टाकरागुड़ा के किसान अब अपनी खेती में नए प्रयोग कर क्षेत्र की समृद्धि में अपना योगदान देंगे।

संपादक – ऋषभ कुमार

मो.–6266449977

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

Leave a Reply