जगदलपुर, 17 मार्च 2026/ जल संरक्षण की दिशा में बस्तर की महिलाओं की पहल अब राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रही है। विगत 11 मार्च 2026 को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित जल महोत्सव में बस्तर विकासखंड के ग्राम परचनपाल की महिला जल वाहिनी सदस्य श्रीमती पिंकी नेताम को उनके उत्कृष्ट जल सेवा भाव और समर्पण के लिए पेयजल एवं जल शक्ति मंत्रालय द्वारा सम्मानित किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ की कुल 13 महिला जल वाहिनी के सदस्यों को यह सम्मान मिला।



      पिंकी नेताम की यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत प्रयासों का परिणाम है, बल्कि पूरे गांव की सामूहिक जागरूकता और भागीदारी का प्रतीक भी है। उन्होंने बताया कि गांव की महिला जल वाहिनी लगातार “पानी बचाओ अभियान” को आगे बढ़ाते हुए ग्रामीणों को जल संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूक कर रही है। महिला जल वाहिनी द्वारा गांव में कई व्यवहारिक उपाय अपनाए जा रहे हैं। इनमें पानी की नियमित जांच, शुद्ध पेयजल के उपयोग को बढ़ावा, सार्वजनिक नलों से पानी का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग, और किचन व बाथरूम के अपशिष्ट जल का किचन गार्डन में पुनः उपयोग शामिल है। इसके साथ ही, जल स्रोतों के संरक्षण के लिए सोख्ता गड्ढों का निर्माण तथा बरसाती पानी का डबरी और तालाबों में संचयन जैसे प्रयास भी किए जा रहे हैं।

        पिंकी नेताम बताती हैं कि इन प्रयासों के चलते अब गांव में जल संरक्षण केवल एक योजना नहीं, बल्कि एक जन आंदोलन बन चुका है। इस मुहिम में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के साथ-साथ ग्रामीणों और पंचायत पदाधिकारियों का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है।

       बस्तर के परचनपाल गांव की यह पहल यह साबित करती है कि यदि सामूहिक इच्छाशक्ति और जागरूकता हो, तो जल संकट जैसी गंभीर समस्या का समाधान भी संभव है। पिंकी नेताम और उनकी टीम आज पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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