रिपोर्ट–जय शंकर पांडे

जगदलपुर। जिला प्रशासन एवं खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 21 दिवसीय ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर का मंगलवार को भव्य समापन हुआ। कलेक्टर श्री आकाश छिकारा के मार्गदर्शन में 6 से 26 मई 2026 तक चले इस शिविर में जिलेभर के 586 बालक एवं बालिका खिलाड़ियों ने विभिन्न खेल विधाओं में प्रशिक्षण प्राप्त किया।

शिविर के दौरान खिलाड़ियों को 13 खेल विधाओं में सुबह एवं शाम दो सत्रों में प्रशिक्षण दिया गया। इंदिरा प्रियदर्शिनी स्टेडियम में बैडमिंटन, शतरंज, लॉन टेनिस, बास्केटबॉल, कराते, जूडो, फुटबॉल, वेटलिफ्टिंग और एथलेटिक्स का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। वहीं धरमपुरा क्रीड़ा परिसर में आर्चरी एवं एथलेटिक्स, पंडरीपानी हॉकी प्रशिक्षण केंद्र में हॉकी, पुलिस लाइन में वॉलीबॉल, सिटी ग्राउंड में फुटबॉल, शहीद पार्क के पीछे कर्मचारी भवन में कराते, घाटलोहंगा स्कूल में रग्बी तथा विद्या ज्योति स्कूल में जूडो का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण शिविर के दौरान खिलाड़ियों में उत्साह, अनुशासन और खेल भावना का विशेष माहौल देखने को मिला। प्रशिक्षकों ने खिलाड़ियों को खेल तकनीक, फिटनेस, टीम भावना और प्रतियोगी खेलों की तैयारी से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं।

समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत के खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सभापति श्री बनवासी मौर्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम में अपर कलेक्टर श्री ऋषिकेश तिवारी, एमआईसी सदस्य श्री संजय विश्वकर्मा, विभिन्न खेल संघों के पदाधिकारी, प्रशिक्षक, खिलाड़ी एवं खेल प्रेमी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।मुख्य अतिथि श्री बनवासी मौर्य ने कहा कि खेल केवल शारीरिक मजबूती का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का महत्वपूर्ण जरिया है। उन्होंने खिलाड़ियों को निरंतर अभ्यास और समर्पण के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि ऐसे शिविर खिलाड़ियों की प्रतिभा निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
समापन अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षकों को प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। साथ ही प्रत्येक खेल विधा से एक-एक बालक एवं बालिका खिलाड़ी को उनके बेहतर प्रदर्शन के लिए पुरस्कृत किया गया।खेल अधिकारी श्री सुशांत पॉल ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शिविर का उद्देश्य जिले की खेल प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना और बच्चों को खेलों से जोड़ना है। उन्होंने शिविर की सफलता के लिए सभी प्रशिक्षकों, खेल संघों, अभिभावकों एवं खिलाड़ियों के सहयोग की सराहना की।