रिपोर्ट –जय शंकर पांडे

जगदलपुर, 06 जून 2026/ केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सीआर पाटिल की अध्यक्षता में आयोजित ‘स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण)’ की उच्च स्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंस में बस्तर जिले ने राष्ट्रीय पटल पर अपनी अमिट छाप छोड़ी है। इस गरिमामयी कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य का प्रतिनिधित्व बस्तर जिले के जनपद पंचायत जगदलपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत आड़ावाल की सरपंच श्रीमती जयंती कश्यप द्वारा किया गया। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान स्वच्छता, मॉडल पंचायत के निर्माण तथा ‘ठोस और तरल कचरा प्रबंधन ग्रामीण 2026’ के तहत किए गए उत्कृष्ट नवाचारों और उपलब्धियों को केंद्रीय मंत्री के समक्ष विस्तारपूर्वक साझा किया, जिसकी सराहना करते हुए केंद्रीय मंत्री श्री पाटिल ने बस्तर के इन प्रयासों के लिए सराहना की। साथ ही सरपंच जयंती कश्यप की जागरूकता और उनके प्रयासों की प्रशंसा की।

इस विशेष वीडियो कॉन्फ्रेंस की सबसे खास बात यह रही कि इसमें देश के केवल चार राज्यों—छत्तीसगढ़, असम, महाराष्ट्र एवं उत्तर प्रदेश से एक-एक सरपंच को उनके उत्कृष्ट जमीनी अनुभवों को साझा करने के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था। छत्तीसगढ़ से श्रीमती जयंती कश्यप ने अपनी पंचायत में हुए जमीनी बदलावों और स्वच्छता प्रबंधन की सफलता की कहानी देश के सामने रखी। इस दौरान कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी कक्ष में मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रतीक जैन, जिला समन्वयक (स्वच्छ भारत मिशन), जिला कंसल्टेंट, यूनिसेफ के प्रतिनिधि, श्रृष्टि वेस्ट मैनेजमेंट के प्रतिनिधि तथा क्षेत्र के अन्य सरपंच प्रमुख रूप से उपस्थित रहे, जिन्होंने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त किया।
इस राष्ट्रीय संवाद में केंद्र और राज्यों के कई उच्च अधिकारियों ने भी अपनी सहभागिता दर्ज कराई, जिनमें मुख्य रूप से पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव श्री अशोक केके मीणा, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण)-पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की संयुक्त सचिव एवं मिशन निदेशक सुश्री ऐश्वर्या सिंह तथा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण)-पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की उप सचिव सुश्री कृतिका कुल्हारी सहित सभी राज्यों के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यक्रम के गरिमामयी समापन अवसर पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सीआर पाटिल द्वारा नई आईईसी प्रचार-प्रसार सामग्री तथा “स्वच्छ गांव–सुरक्षित जलवायु” देशव्यापी अभियान का विधिवत विमोचन किया गया, जो आने वाले समय में ग्रामीण अंचलों में स्वच्छता और पर्यावरण संतुलन को एक नई और सुदृढ़ दिशा प्रदान करेगा।