रिपोर्ट –दीपक पांडे

महज दो किमी रोड की स्थिति दयनीय


8 जून 2026, बकावंड। यह राष्ट्रीय राजमार्ग तो नहीं पर बस्तर संभाग मुख्यालय को रायपुर- विशाखापटनम सिक्स लेन में जोड़ने वाली प्रमुख सड़क है यातायात का दवाब बढ़ रहा है पर सड़क मेंटेनेंस का जिम्मा जिस विभाग के जिम्मे है वह सड़क के किनारे बरसात के मौसम के पूर्व  झाड़ियाँ कटाने का काम करवा रहा है। सड़क पर गड्ढे और किनारे का मिट्टी के संग करीब आठ इंच अंतर दुर्घटनाओं को आमंत्रित कर रहा है।

       गौरतलब है कि आसना-बकावंड और गिरोला सड़क पूर्व में डीआरडीओ के अधीन थी 1987 में इस सड़क को डीआरडीओ के ठेकेदार द्वारा बनाया गया था सड़क चौड़ी नहीं थी पर बेस अच्छी थी जिस पर 20 एमएम गिट्टी के साथ करीब पांच इंच की टायरिंग ने सड़क को इज्जत बख्शा और यह तीस साल तक चला उसके बाद जर्जर होने पर क्षेत्रीय विधायक लखेश्वर बघेल को धरने पर बैठना पड़ा, सड़क बनी अबके बार पर वह 20 एमएम की गिट्टी से नई बल्कि नई ईजाद चिप्स से इसके क्या नुकसान हुए कि जहां पानी एकत्रित होने लगा वहां गड्ढा बनने लगा और इसके साइज में विस्तार होने लगा, गिट्टी उखड़ता कम था क्योंकि डीआरडीओ के काम की गुणवत्ता मानक पर चिप्स चारों खाने चित्त धूल के गुबार के साथ सीधे आंख के अंदर।

     आसना से  बकावंड तक सड़क 10 फीट की है फिर कौड़ावंड दो किमी  तक 6 फीट आगे करपावंड से ओडिशा के उमरकोट तक 10 फीट दो राज्यों को जोड़ने वाली इस दो किमी का पेच दोनों ओर से 80-90 की गति से आ रहे वाहन चालकों के सब्र का इम्तहान लेता है ऐसा लगता है दोनों ओर गहरी खाई है सड़क इतनी मिट्टी को छोड़ी हुई है कि कोई भी नीचे उतारने की हिम्मत नहीं होती स्पीड में उतरे आगे चढ़ाने की जगह नहीं बारिश हुई और पिकअप पुलिया से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पुलिया उखड़ गया चालक बच गया हेल्पर को मामूली चोट आई है पिछले दुर्घटनाओं से सबक नहीं ली जा रही। बकावंड मुख्यमार्ग में रोजाना जाम लग रहा है सड़कों के फुटपाथ में दुकानें लग रही है अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया को प्रशासन ने ठंडे बस्ते पर डाल रखा है समझ में नहीं आता काम क्या हो रहा है क्या जनता के मुताबिक हो रहा है।

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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