रिपोर्ट – जय शंकर पांडे

जगदलपुर, 26 जुलाई 2026/ जिले के प्रतिष्ठित निःशुल्क कोचिंग संस्थान ‘ज्ञानगुड़ी’ में नए शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ शनिवार को अत्यंत उत्साहजनक वातावरण में हुआ। संस्थान में एसएससी, व्यापमं और रेलवे जैसी प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क कक्षाएं औपचारिक रूप से प्रारंभ हो गई हैं। इस अवसर पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला कलेक्टर को आकाश छिकारा और पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं से सीधा संवाद किया तथा जीवन व परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने के व्यावहारिक गुर सिखाए। ज्ञानगुड़ी के इस नए सत्र से क्षेत्र के मध्यम व आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के प्रतिभावान छात्रों के शासकीय सेवाओं में जाने के सपनों को एक नई दिशा और उड़ान मिलेगी।



          अध्ययन की सटीक रणनीति पर प्रकाश डालते हुए कलेक्टर आकाश छिकारा ने परीक्षार्थियों को केवल एक सीट को अपना लक्ष्य बनाकर पूरे पाठ्यक्रम के अनुसार समयबद्ध योजना बनाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के दौरान मस्तिष्क को भ्रमित न होने दें, पूरे सिलेबस को कवर करें, शांत मन से अपने स्वयं के नोट्स बनाएं और अपने तरीके से अध्ययन करें। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि आपकी महीनों की लगन, निरंतरता और उत्तर-पुस्तिकाओं का निचोड़ अंततः केवल एक पन्ने की ओएमआर शीट में दिखाई देता है, इसलिए अनुशासित रहकर की गई कड़ी मेहनत और नियमित रिवीजन के बल पर कोई भी सामान्य छात्र किसी भी प्रतिभाशाली अभ्यर्थी की बराबरी आसानी से कर सकता है।

कार्यक्रम के समापन पर उन्होंने युवाओं को तैयारी के दौरान किसी भी प्रकार के मार्गदर्शन के लिए बेझिझक संपर्क करने का भी आश्वासन दिया। कार्यक्रम के दौरान छात्रों का उत्साहवर्धन करते हुए कलेक्टर ने कहा कि किसी एक परीक्षा में असफलता मिलने पर निराश होने की तनिक भी आवश्यकता नहीं है, क्योंकि कोई भी एक परीक्षा किसी व्यक्ति की काबिलियत का अंतिम पैमाना नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि भारत जैसे विशाल देश में योगदान देने और आगे बढ़ने के अनगिनत रास्ते खुले हैं। यदि मन का काम हो तो अच्छा, और न हो तो उससे भी अच्छा मानना चाहिए, क्योंकि प्रकृति ने निश्चित रूप से आपके लिए कुछ और बेहतर सोच रखा होता है। हमेशा अपने हौसले बुलंद रखने की सलाह देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल प्रशासनिक सेवा ही नहीं, बल्कि एक व्यापारी भी अपने कार्य से समाज की सेवा कर रहा है, इसलिए सबसे महत्वपूर्ण बात मन में देश व समाज के लिए योगदान देने की इच्छा होना है।

           इसी कड़ी में पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए आत्मविश्वास के महत्त्व पर विशेष बल दिया। उन्होंने अपने व्यक्तिगत जीवन का अनुभव साझा करते हुए बताया कि कैसे एक बार पर्याप्त तैयारी होने के बावजूद, केवल आत्मविश्वास डगमगाने के कारण वे परीक्षा में चूक गए थे और उन्हें एक साल पीछे होना पड़ा था। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए स्पष्ट किया कि प्रतियोगी परीक्षाओं का पाठ्यक्रम भले ही कितना भी विस्तृत क्यों न हो और अभ्यर्थी कितनी भी लगन से पढ़ाई कर ले, लेकिन यदि परीक्षा कक्ष में स्वयं पर विश्वास नहीं रहेगा तो अनजाने में त्रुटि होना स्वाभाविक है। इसलिए, कठिन परिश्रम के साथ-साथ मन में मजबूत आत्मविश्वास बनाए रखना ही सफलता का वास्तविक मार्ग है। पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में अभूतपूर्व उत्साह और नया आत्मविश्वास देखने को मिला।

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

Leave a Reply