रिपोर्ट – जय शंकर पांडे

शत-प्रतिशत त्रुटिरहित गिरदावरी और किसानों का एग्रीस्टैक पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश

बीजापुर, 19 अगस्त 2026/ खरीफ वर्ष 2026 के अंतर्गत जिले में चल रहे गिरदावरी एवं ई-गिरदावरी कार्य की शुद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर श्री विश्वदीप ने तहसील बीजापुर के ग्राम धनोरा पहुंचकर मैदानी गिरदावरी कार्य का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने खेतों में पहुंचकर मौके पर बोई गई फसल एवं वास्तविक रकबे का जायजा लिया तथा राजस्व अभिलेखों में दर्ज जानकारी से उसका मिलान किया।

कलेक्टर ने संबंधित मैदानी अमले को निर्देशित किया कि गिरदावरी कार्य में किसी भी प्रकार की त्रुटि अथवा लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गिरदावरी में दर्ज फसल एवं रकबे की जानकारी समर्थन मूल्य पर धान एवं मक्का उपार्जन, प्राइस सपोर्ट स्कीम, आरबीसी 6(4), प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण है। इसलिए प्रत्येक खेत की वास्तविक स्थिति के आधार पर सही प्रविष्टि सुनिश्चित की जाए।

विभागीय निर्देशों के अनुसार गिरदावरी के मैदानी एवं रैंडम सत्यापन के लिए अलग-अलग स्तर पर प्रतिशत निर्धारित किया गया है। पटवारी द्वारा ग्राम स्तर पर 100 प्रतिशत, राजस्व निरीक्षक द्वारा 25 प्रतिशत, कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा 25 प्रतिशत, नायब तहसीलदार/तहसीलदार द्वारा 10 प्रतिशत तथा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) द्वारा 5 प्रतिशत गिरदावरी का सत्यापन किया जाएगा।

कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्धारित प्रतिशत के अनुसार सत्यापन अनिवार्य रूप से पूरा करने तथा ‘भुईयां’ सॉफ्टवेयर में वास्तविक फसल एवं रकबे की त्रुटिरहित प्रविष्टि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज रकबे और मौके पर पाए गए वास्तविक रकबे में अंतर मिलने पर संबंधित मैदानी अमले एवं पर्यवेक्षण अधिकारियों की जवाबदेही तय कर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

ई-गिरदावरी वाले ग्रामों में मैन्युअल गिरदावरी की आवश्यकता नहीं

जिन ग्रामों में ई-गिरदावरी (डीसीएस) प्रस्तावित है, वहां पुनः मैन्युअल गिरदावरी की आवश्यकता नहीं होगी। वहीं जियोरेफरेंसिंग में त्रुटि, छूटे हुए खसरों अथवा जियोरेफ्रेंस्ड नक्शा उपलब्ध नहीं होने वाले ग्रामों में अनिवार्य रूप से मैन्युअल गिरदावरी कराई जाएगी।

गिरदावरी कार्य के लिए ग्रामवार एवं ग्राम पंचायतवार कार्यक्रम निर्धारित कर ग्रामीणों को सूचना देने, कोटवार के माध्यम से मुनादी कराने तथा हल्का पटवारी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, ग्रामीण उद्यानिकी विस्तार अधिकारी एवं पंचायत सचिव के संयुक्त दल से मैदानी जांच कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।


20 सितंबर तक गिरदावरी प्रविष्टि पूर्ण करने के निर्देश

निर्धारित समय-सारणी के अनुसार गिरदावरी कार्य पूर्ण कर खसरा एवं ‘भुईयां’ सॉफ्टवेयर में प्रविष्टि 20 सितंबर 2026 तक, ग्रामवार फसल क्षेत्राच्छादन प्रतिवेदन का प्रारंभिक प्रकाशन 25 सितंबर तक तथा दावा-आपत्ति के अनुसार संशोधन की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026 निर्धारित है। कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को समय-सीमा का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए।

जांगला समिति में एग्रीस्टैक पंजीयन की ली जानकारी

गिरदावरी कार्य के निरीक्षण के बाद कलेक्टर श्री विश्वदीप ने जांगला समिति पहुंचकर एग्रीस्टैक पंजीयन की प्रगति की भी जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से किसानों के पंजीयन एवं एकीकृत किसान आईडी की स्थिति के संबंध में जानकारी लेते हुए आवश्यक निर्देश दिए।

समर्थन मूल्य पर धान विक्रय के लिए किसानों का एग्रीस्टैक पोर्टल (छत्तीसगढ़ फार्मर रजिस्ट्री) पर एकीकृत किसान आईडी के साथ पंजीकृत होना अनिवार्य है। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पात्र किसानों को एग्रीस्टैक पंजीयन की जानकारी देकर उनका पंजीयन समय पर पूर्ण कराया जाए, ताकि किसानों को धान उपार्जन के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो।


निरीक्षण के दौरान प्रभारी अधिकारी भू-अभिलेख बीजापुर  मुकेश देवांगन, संबंधित हल्का पटवारी, सर्वेयर एवं अन्य मैदानी अमला उपस्थित रहा।

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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