रिपोर्ट – जय शंकर पांडे

जगदलपुर 20 अगस्त 2026 / कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा ‘वंदे मातरम्’ के पूर्ण गान के स्थान पर केवल दो अंतरे गाने के निर्णय पर बस्तर लोकसभा सांसद महेश कश्यप ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह निर्णय न केवल देश की भावनाओं का अपमान है,बल्कि राष्ट्रगीत के सम्मान और उसकी ऐतिहासिक भावना की भी अवहेलना है।
सांसद महेश कश्यप ने कहा कि वर्ष 1937 में तुष्टीकरण की राजनीति के चलते कांग्रेस ने ‘वंदे मातरम्’ के पूर्ण स्वरूप को लेकर विभाजनकारी दृष्टिकोण अपनाया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी प्रकार की तुष्टीकरण की राजनीति ने देश के सामाजिक और राजनीतिक विभाजन को बढ़ावा दिया, जिसका परिणाम अंततः देश के विभाजन के रूप में सामने आया।
उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ के 150वें वर्ष के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने इस ऐतिहासिक विषय को उचित सम्मान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। ऐसे समय में कांग्रेस द्वारा पुनः केवल दो अंतरे गाने का निर्णय उसकी पुरानी तुष्टीकरण की राजनीति की ओर लौटने का संकेत है।
कश्यप ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की स्वतंत्रता, राष्ट्रभक्ति और मातृभूमि के प्रति समर्पण की ऐतिहासिक अभिव्यक्ति है। इसके सम्मान को किसी राजनीतिक स्वार्थ या वोट बैंक की राजनीति से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर पूर्ण ‘वंदे मातरम्’ के गायन से उसे आपत्ति क्यों है। देश की जनता सब देख रही है और तुष्टीकरण की राजनीति का उचित जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी l