रिपोर्ट – जय शंकर पांडे

प्रधानमंत्री आवास योजना ने बदली जिंदगी, अब सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन की ओर बढ़ रहा परिवार

बीजापुर, 25 अगस्त 2026/ प्रधानमंत्री आवास योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए केवल पक्का मकान ही नहीं, बल्कि सुरक्षा, सम्मान और बेहतर भविष्य की नई उम्मीद लेकर आ रही है। इसी योजना से नगरीय क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 01 निवासी श्रीमती सरिता एंजा, पति श्री अशोक कुमार एंजा का वर्षों पुराना पक्के मकान का सपना अब साकार हो गया है।

सरिता एंजा स्व-सहायता समूह की सदस्य हैं, जबकि उनके पति मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। सीमित आर्थिक संसाधनों के कारण उनका परिवार लंबे समय तक एक छोटे से कच्चे मकान में रहने को मजबूर था। बरसात के दिनों में छत से पानी टपकने के कारण परिवार को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। मौसम की मार से बचने के लिए परिवार ने सीमेंट शीट की छत डालकर किसी तरह अपना जीवन आगे बढ़ाया।



‘मोर जमीन मोर मकान’ से मिला पक्के घर का आधार

प्रधानमंत्री आवास योजना के बी.एल.सी. घटक अंतर्गत ‘मोर जमीन मोर मकान’ के तहत श्रीमती सरिता एंजा के पक्के मकान के लिए आवेदन तैयार कर प्रस्ताव शासन को भेजा गया। आवास की स्वीकृति मिलने के बाद कुछ समय तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका।

इसके बाद नगर पंचायत भोपालपटनम के अधिकारियों ने परिवार को आवास निर्माण के लिए प्रेरित करते हुए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया। अधिकारियों के मार्गदर्शन और परिवार के निरंतर प्रयासों से धीरे-धीरे स्वीकृत आवास का निर्माण पूरा हुआ और उनका वर्षों पुराना सपना हकीकत में बदल गया।

पक्का मकान बना खुशियों और सुरक्षा का नया ठिकाना

आज सरिता एंजा का परिवार अपने नए पक्के मकान में सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर रहा है। जिस घर के लिए परिवार ने वर्षों तक इंतजार किया, वह अब उनके सामने एक मजबूत आशियाने के रूप में खड़ा है।

नए आवास में प्रवेश के बाद श्रीमती सरिता एंजा के चेहरे पर खुशी और संतोष साफ झलकता है। उन्होंने कहा कि पक्का मकान मिलने से बरसात और मौसम की परेशानियों से राहत मिली है। अब परिवार को सुरक्षित वातावरण में सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिला है।

अपने पक्के आवास के लिए उन्होंने नगर पंचायत भोपालपटनम, राज्य शासन एवं प्रधानमंत्री जी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।

प्रधानमंत्री आवास योजना सरिता एंजा जैसे जरूरतमंद परिवारों के लिए सिर्फ ईंट और सीमेंट से बना मकान नहीं, बल्कि सुरक्षित जीवन, सम्मान और आत्मविश्वास की मजबूत नींव बन रही है। कच्चे घर की तकलीफों से निकलकर पक्के आशियाने तक पहुंची सरिता एंजा की कहानी यह संदेश देती है कि सरकारी योजनाओं का प्रभाव जब जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचता है, तो उनके सपनों को नई उड़ान मिलती है।

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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