रिपोर्ट – जय शंकर पांडे

शिक्षक दिवस पर 33 शिक्षकों का हुआ सम्मान, उत्कृष्ट कार्यों के साथ सामाजिक सरोकारों में योगदान को भी मिली पहचान
बीजापुर, 6 सितंबर 2026। शिक्षक दिवस के अवसर पर बीजापुर स्थित कन्या पोटाकेबिन ऑडिटोरियम में मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण समारोह 2026 का गरिमामय आयोजन किया गया। समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिले के प्रतिभावान शिक्षकों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर शहीद शिक्षा दूतों के परिजनों तथा साइबर जागरूकता अभियान से जुड़े शिक्षकों को भी सम्मान देकर उनके योगदान को रेखांकित किया गया।
कार्यक्रम में बीजापुर विधायक विक्रम शाह मंडावी, जिला पंचायत अध्यक्ष जानकी कोरसा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष पेरे पुलैय्या, नगरपालिका अध्यक्ष गीता सोम पुजारी, पुलिस अधीक्षक उमेश प्रसाद गुप्ता एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत नम्रता चौबे सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।

शिक्षा के साथ समाज को नई दिशा दे रहे शिक्षक
समारोह को संबोधित करते हुए अतिथियों ने कहा कि शिक्षक केवल कक्षा में पाठ पढ़ाने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण, संस्कार और समाज के भविष्य को दिशा देने वाला मार्गदर्शक है। बीजापुर जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में शिक्षकों ने कठिन परिस्थितियों के बीच भी शिक्षा की अलख जगाने और बच्चों को बेहतर भविष्य की ओर ले जाने का कार्य किया है।
विधायक विक्रम शाह मंडावी ने कहा कि शिक्षक समाज की वह शक्ति हैं, जो पीढ़ियों का निर्माण करते हैं। उनके ज्ञान और संस्कारों का प्रभाव विद्यार्थी के साथ पूरे समाज पर पड़ता है। उन्होंने सम्मानित शिक्षकों को बधाई देते हुए शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
जिला पंचायत उपाध्यक्ष पेरे पुलैय्या ने कहा कि बीजापुर के शिक्षकों ने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने दायित्व को प्राथमिकता दी है। शिक्षक बच्चों तक ज्ञान पहुंचाने के साथ उन्हें संस्कार, अनुशासन और जिम्मेदारी का पाठ पढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का सम्मान वास्तव में आने वाली पीढ़ी के भविष्य का सम्मान है।
जिला पंचायत अध्यक्ष जानकी कोरसा ने कहा कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षक बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उनके प्रयासों से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास और आगे बढ़ने की नई उम्मीद पैदा हो रही है।
नगरपालिका अध्यक्ष गीता सोम पुजारी ने कहा कि शिक्षक समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक हैं। शिक्षा के साथ बच्चों में मानवीय मूल्यों और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
पुलिस अधीक्षक उमेश प्रसाद गुप्ता ने साइबर जागरूकता से जुड़े शिक्षकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि डिजिटल दौर में बच्चों और समाज को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना बेहद जरूरी है। साइबर ठगी, सोशल मीडिया के दुरुपयोग और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव के लिए शिक्षकों द्वारा किया जा रहा जागरूकता कार्य समाज की सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान है।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत नम्रता चौबे ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। डिजिटल शिक्षा, नवाचार और बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप विद्यार्थियों को तैयार करने के साथ उन्हें सुरक्षित डिजिटल व्यवहार की जानकारी देना भी समय की आवश्यकता है।
शहीद शिक्षा दूतों के परिजनों का सम्मान, त्याग को किया नमन
समारोह का भावुक पक्ष उन शिक्षा दूतों के परिजनों का सम्मान रहा, जिन्होंने नक्सली हिंसा के दौर में कर्तव्य निर्वहन के दौरान अपने प्राण न्योछावर किए। अतिथियों ने उनके योगदान को स्मरण करते हुए परिजनों के प्रति सम्मान और संवेदना व्यक्त की। वक्ताओं ने कहा कि इन शिक्षा दूतों का त्याग शिक्षा और समाज के प्रति समर्पण की प्रेरणादायी मिसाल है।
साइबर जागरूकता में शिक्षकों की अहम भूमिका
समारोह में साइबर जागरूकता अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने वाले शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया। इन शिक्षकों ने विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों को साइबर ठगी, फर्जी लिंक, ऑनलाइन धोखाधड़ी, सोशल मीडिया के दुरुपयोग और डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का कार्य किया है। कार्यक्रम में कहा गया कि आज शिक्षक की भूमिका कक्षा की चारदीवारी से आगे बढ़कर समाज को सुरक्षित और जागरूक बनाने तक पहुंच गई है।
33 शिक्षकों को मिला सम्मान
शिक्षक दिवस के अवसर पर कुल 33 शिक्षकों को सम्मानित किया गया। सम्मानित शिक्षकों में डी.आर. कुंजाम, राकेश गिरी, विश्राम सिंह प्रजापति, विद्याकांत मिश्रा, देवीसिंह नाग, पाण्डरी नेताम, अशोक बुरका, सुधाकर सिंह, संध्या खेड़कर, गुरला बसंत, संगीता तामड़ी, प्रमिला एंजा, उमेश कुमार अटूट एवं राकेश सेनाय सहित अन्य शिक्षक शामिल रहे। उत्कृष्ट योगदान के लिए उमेश कुमार अटूट एवं राकेश सेनाय को सम्मान के साथ सम्मान राशि भी प्रदान की गई।
जिला शिक्षा अधिकारी राजेश पाण्डेय ने कहा कि बीजापुर जैसे क्षेत्र में शिक्षा की ज्योति को निरंतर प्रज्वलित रखने में शिक्षकों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि शिक्षक अपनी जिम्मेदारी को केवल शैक्षणिक गतिविधियों तक सीमित न रखते हुए सामाजिक जागरूकता, विद्यार्थियों की सुरक्षा और उनके सर्वांगीण विकास में भी योगदान दे रहे हैं।
समारोह में एसडीएम जागेश्वर कौशल सहित शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षक-शिक्षिकाएं, जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ नागरिक एवं मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।