रिपोर्ट – जय शंकर पांडे

जगदलपुर, 6 अक्टूबर 2026। कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में वर्ष 2025-26 के दौरान मद 10–2406–(6996) ‘नैसर्गिक पर्यटन का विकास’ के अंतर्गत कराए गए निर्माण कार्यों के बिल-वाउचर की छायाप्रति मांगने के मामले ने अब विभाग पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
RTI आवेदक के अनुसार, विभाग से मांगी गई जानकारी के जवाब में ऐसी जानकारी उपलब्ध कराई गई, जिसे आवेदक ने भ्रामक एवं वास्तविक रिकॉर्ड से अलग बताया।
इसके बाद आवेदक ने प्रथम अपीलीय अधिकारी मुख्य वनसंरक्षक (वन्यजीव) एवं क्षेत्रीय निदेशक, इंद्रावती टाइगर रिजर्व, जगदलपुर के समक्ष अपील प्रस्तुत की।
आज 6 अक्टूबर 2026 को हुई अपील सुनवाई के दौरान आवेदक के पास उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों का अधिकारी ने निरीक्षण किया। और विभाग द्वारा प्रदाय जानकारी को निरीक्षण के बाद अधिकारी ने भी विभाग द्वारा पूर्व में, उपलब्ध कराई गई जानकारी को भ्रामक एवं गलत माना।
आवेदक का दावा है कि निरीक्षण के बाद अधिकारी ने भी विभाग द्वारा पूर्व में उपलब्ध कराई गई जानकारी को भ्रामक एवं गलत माना।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि RTI के माध्यम से मांगे गए बिल-वाउचर और निर्माण कार्यों से संबंधित सही दस्तावेज उपलब्ध कराने में विभाग को आखिर परेशानी क्यों हो रही है?
क्या विभागीय रिकॉर्ड में ऐसी कोई जानकारी है, जिसे सार्वजनिक होने से रोका जा रहा है?
निर्माण कार्यों में अनियमितता या भ्रष्टाचार हुआ है? तभी RTI में गलत अथवा भ्रामक जानकारी दिए जाने के आरोप ने विभागीय पारदर्शिता पर जरूर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब देखना होगा कि संबंधित विभाग पूरे रिकॉर्ड के साथ स्पष्ट जवाब कब देता है।