
ग्राम सभा के प्रस्ताव के बावजूद शराब दुकान खोलने का आरोप, चार गांवों के ग्रामीणों ने प्रशासन को दी आंदोलन की सूचना
।9 अक्टूबर 2026, लोहण्डीगुड़ा, (छत्तीसगढ़)। बस्तर जिले के लोहण्डीगुड़ा विकासखंड अंतर्गत ग्राम बड़ाजी में प्रस्तावित शराब दुकान को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। ग्राम बड़ाजी-01, बड़ाजी-02, टाकरागुड़ा और बेलर के ग्रामीणों ने शराब दुकान खोले जाने के विरोध में आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया है।
ग्रामीणों ने अनुविभागीय दण्डाधिकारी, लोहण्डीगुड़ा को आवेदन सौंपकर 13 अक्टूबर 2026 से सुबह 9 बजे ग्राम बड़ाजी के बेलर चौक के पास मुख्य मार्ग पर अनिश्चितकालीन चक्काजाम करने की चेतावनी दी है।ग्राम सभा के प्रस्ताव की अनदेखी का आरोपग्रामीणों का कहना है कि उनका क्षेत्र संविधान की पाँचवीं अनुसूची के अंतर्गत आता है और यहां पेसा कानून लागू है।
ग्रामीणों के अनुसार, ग्राम सभा ने शराब दुकान नहीं खोलने के संबंध में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया है। इसके बावजूद प्रशासन और आबकारी विभाग द्वारा ग्रामीणों की इच्छा के विपरीत शराब दुकान खोलने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।ग्रामीणों ने इसे ग्राम सभा के निर्णय और स्थानीय लोगों की भावनाओं की अनदेखी बताते हुए प्रस्तावित शराब दुकान को निरस्त करने की मांग की है।
8 अक्टूबर से धरने पर बैठे ग्रामीणआवेदन में उल्लेख किया गया है कि ग्रामीणों ने 8 अक्टूबर 2026 को प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया था। इसके बाद से ग्रामीण लगातार शांतिपूर्ण धरने पर बैठे हैं। उनका आरोप है कि अब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है और न ही शराब दुकान की प्रक्रिया रोकने की लिखित सूचना मिली है।12 अक्टूबर तक का अल्टीमेटमग्रामीणों ने प्रशासन से 12 अक्टूबर 2026 को शाम 4 बजे तक शराब दुकान बंद करने या उसकी प्रक्रिया निरस्त करने के संबंध में लिखित आदेश देने की मांग की है।
ऐसा नहीं होने पर चार गांवों के ग्रामीण 13 अक्टूबर की सुबह 9 बजे से बेलर चौक के पास मुख्य मार्ग पर अनिश्चितकालीन चक्काजाम शुरू करेंगे।आवेदन के मुताबिक, ग्रामीणों का आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक उन्हें शराब दुकान बंद करने या निरस्त करने का लिखित आदेश प्राप्त नहीं हो जाता।प्रशासन के फैसले पर टिकी निगाहेंइस पूरे मामले में अब प्रशासन और आबकारी विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है।
ग्रामीणों की मांग है कि ग्राम सभा के प्रस्ताव और स्थानीय लोगों की आपत्तियों पर गंभीरता से विचार किया जाए तथा शराब दुकान के संबंध में स्पष्ट निर्णय लिया जाए।अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन 12 अक्टूबर की समय-सीमा के भीतर ग्रामीणों की मांग पर निर्णय लेगा, या 13 अक्टूबर से क्षेत्र में अनिश्चितकालीन चक्काजाम की स्थिति बनेगी?
नोट: यह समाचार ग्रामीणों द्वारा तैयार किए गए आवेदन में दर्ज आरोपों, मांगों और प्रस्तावित आंदोलन के आधार पर प्रेषित किया गया है। प्रशासन और आबकारी विभाग का पक्ष की जानकारी होने के बाद फिर और खबरें प्रेषित की जाएगी।