13 अक्टूबर 2026, जगदलपुर। जगदलपुर की ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक धरोहर दलपत सागर की बदहाल स्थिति को लेकर भारतीय किसान यूनियन टिकैत जिला बस्तर ने कड़ा रुख अपनाया है। आज संगठन के पदाधिकारियों ने दलपत सागर का निरीक्षण कर वहां फैली गंदगी और साफ-सफाई की स्थिति पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया।

संगठन ने शासन-प्रशासन से सवाल किया कि जब दलपत सागर की सफाई और सौंदर्यीकरण के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए जाने की बात सामने आती है, तो फिर इस ऐतिहासिक धरोहर की ऐसी स्थिति क्यों है?

दलपत सागर जगदलपुर शहर के बीचों-बीच स्थित एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल है, जो बस्तर की सुंदरता और पहचान का प्रतीक है। लेकिन उचित रखरखाव के अभाव में इसकी सुंदरता प्रभावित हो रही है। भारतीय किसान यूनियन टिकैत ने कहा कि यह केवल एक जलाशय नहीं, बल्कि जगदलपुर की जनता की भावनाओं से जुड़ी धरोहर है। इसकी दुर्दशा को अब और नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

तोकापाल ब्लॉक अध्यक्ष बबलू बघेल ने सवाल उठाते हुए कहा कि दलपत सागर की साफ-सफाई के लिए लाखों रुपये खर्च किए जाने की बात कही जाती है। हाल ही में एनएमडीसी के माध्यम से सफाई के लिए 50 लाख रुपये की राशि आने की जानकारी भी सामने आई है। यदि यह राशि सफाई के लिए आवंटित की गई है, तो संबंधित विभाग स्पष्ट करें कि उसका उपयोग कहां और किस प्रकार किया गया। संगठन ने कार्यों की जांच कर खर्च का विवरण सार्वजनिक करने की मांग की।

भारतीय किसान यूनियन टिकैत ने प्रमुख मांगें रखीं—

1.दलपत सागर की तत्काल व्यापक साफ-सफाई कराई जाए।2.सफाई एवं सौंदर्यीकरण पर खर्च की गई राशि का विवरण सार्वजनिक किया जाए।

3.सफाई कार्यों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदारी तय की जाए।नियमित सफाई, कचरा प्रबंधन और रखरखाव की स्थायी व्यवस्था बनाई जाए।

संगठन ने चेतावनी दी कि दलपत सागर की स्वच्छता और सुंदरता के सवाल को प्रशासन हल्के में न ले। यदि समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो भारतीय किसान यूनियन टिकैत जनहित में आगे की आंदोलनात्मक रणनीति तय करने के लिए बाध्य होगा।

निरीक्षण में उपस्थित: संभागीय अध्यक्ष शिवा स्वर्णकार, जिला अध्यक्ष रमेश गोयल, ग्रामीण जिला अध्यक्ष जगदू राम कश्यप, तोकापाल ब्लॉक अध्यक्ष बबलू बघेल, जिला सचिव धीरज ठाकुर, जिला उपाध्यक्ष मान सिंह नेताम एवं जयंत राम साहू, दरभा ब्लॉक अध्यक्ष महादेव कश्यप, चंदन नाग सहित अन्य किसान साथी उपस्थित रहे।

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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