जगदलपुर, 17 अक्टूबर 2026/ स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन और आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के संयुक्त प्रयासों से बस्तर जिले के विकासखंड तोकापाल अंतर्गत ग्राम छापरभानपुरी की निवासी हेमबती ने कुष्ठ रोग को पूरी तरह मात देकर समाज के सामने एक नई मिसाल पेश की है। कुछ समय पहले हेमबती के हाथों और गले पर सामान्य त्वचा के रंग से अलग कुछ दाग दिखाई दिए थे।

शुरुआत में किसी तरह की शारीरिक परेशानी न होने की वजह से उन्होंने इस पर अधिक ध्यान नहीं दिया, लेकिन धीरे-धीरे प्रभावित हिस्से में सुन्नपन बढ़ने लगा और हाथ-पैरों की नसों में झनझनाहट महसूस होने लगी। स्थिति असामान्य लगने पर उन्होंने इसे नजरअंदाज करने के बजाय चिकित्सीय मदद लेने का फैसला किया।

हेमबती सबसे पहले अपने गांव के आयुष्मान आरोग्य मंदिर पहुंचीं, जहां स्वास्थ्य कार्यकर्ता और सीएचओ ने प्राथमिक जांच के दौरान कुष्ठ रोग की आशंका जताई और पुष्टि के लिए उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) तोकापाल रेफर कर दिया। सीएचसी तोकापाल में विशेषज्ञों द्वारा त्वचा की जांच, स्लिट स्किन स्मीयर टेस्ट, नर्व परीक्षण और आवश्यक लैब टेस्ट किए गए, जिसके बाद उनमें कुष्ठ रोग होने की आधिकारिक पुष्टि हुई। रोग की पुष्टि होने पर स्वास्थ्य कर्मियों ने हेमबती को संबल देते हुए समझाया कि कुष्ठ रोग से डरने या घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि सही समय पर शुरू किए गए 6 से 12 महीने के नियमित इलाज से यह पूरी तरह ठीक हो जाता है।

चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार हेमबती ने पूरे 12 महीनों तक नियमित दवाओं का सेवन किया और समय-समय पर फॉलोअप जांच कराती रहीं। स्वास्थ्य कर्मियों के निरंतर मार्गदर्शन और अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर वह आज पूरी तरह स्वस्थ हो चुकी हैं और उनके मन में इस बीमारी को लेकर मौजूद सभी भ्रांतियां समाप्त हो गई हैं।

अपनी इस सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए हेमबती ने स्वास्थ्य कार्यकर्ता और सीएचसी तोकापाल के समस्त स्टाफ का आभार जताया है, साथ ही आम लोगों से भावुक अपील की है कि त्वचा पर किसी भी प्रकार का असामान्य दाग दिखने पर उसे छिपाने के बजाय तुरंत जांच कराएं, क्योंकि समय पर पहचान और उचित उपचार ही स्वस्थ जीवन की असली कुंजी है।

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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