हर बच्चे की वास्तविक शैक्षणिक क्षमता और सीखने के स्तर का होगा सटीक आकलन

उपचारात्मक शिक्षण की बनेगी ठोस रूपरेखा

जगदलपुर, 6 नवम्बर 2026/ जिले के प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों की वास्तविक सीखने की क्षमता का समग्र आकलन करने तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार लइका चिन्हारी ऐप का दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कलेक्टर आकाश छिकारा के मार्गदर्शन में आयोजित इस विशेष कार्यशाला में जिले के सभी विकासखंडों के संकुल शैक्षिक समन्वयकों (सीएसी) ने भाग लेकर ऐप के तकनीकी और व्यावहारिक पहलुओं को गहराई से समझा।

5 एवं 6 नवंबर को आयोजित इस प्रशिक्षण को सुगम संचालन की दृष्टि से तीन प्रमुख केंद्रों में विभाजित किया गया था। प्रथम दिवस बकावंड विकासखंड में समन्वयकों के लिए सत्र आयोजित हुआ, जिसके बाद तोकापाल केंद्र में तोकापाल, दरभा एवं बास्तानार विकासखंड के समन्वयकों ने सहभागिता की। वहीं जगदलपुर केंद्र में आयोजित सत्र में जगदलपुर, लोहंडीगुड़ा और बस्तर विकासखंड के सीएसी उपस्थित रहे।

प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर्स द्वारा हैंड्स-ऑन पद्धति से प्रतिभागियों को ऐप के संचालन, विद्यार्थियों की सही पहचान और यू-डाइस प्लस डेटा के सत्यापन की प्रक्रिया समझाई गई, ताकि प्रत्येक प्रविष्टि पूरी तरह सटीक और त्रुटिरहित रहे।

प्रशिक्षकों ने स्पष्ट किया कि लइका चिन्हारी ऐप केवल विद्यार्थियों का सामान्य डेटा संकलित करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक बच्चे की वास्तविक शैक्षणिक स्थिति और सीखने संबंधी कमजोरियों को पहचानने का एक सशक्त डिजिटल साधन है। इसके माध्यम से सामने आने वाले निष्कर्षों के आधार पर विद्यालयों में उपचारात्मक शिक्षण (रेमेडियल टीचिंग) की योजना तैयार की जाएगी। अधिकारियों ने समन्वयकों को संबोधित करते हुए कहा कि इस पूरी पहल की सफलता में उनकी भूमिका निर्णायक है, अतः वे अपने-अपने संकुल के विद्यालयों में शिक्षकों का सतत मार्गदर्शन करें और निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण कराएं। सत्र के अंत में प्रतिभागियों की तकनीकी शंकाओं का समाधान भी किया गया।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला मिशन समन्वयक अशोक पांडेय, मास्टर ट्रेनर संदीप मांझी, श्री सचिन कुर्रे और अमित त्रिपाठी सहित जिले के समस्त संकुल शैक्षिक समन्वयक सक्रिय रूप से उपस्थित रहे।

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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