रिपोर्ट –ऋषभ कुमार



9 मार्च 2026, जगदलपुर/ शासकीय दंतेश्वरी पी.जी. महिला महाविद्यालय, जगदलपुर में आयोजित फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) के अंतर्गत दिनांक 09 मार्च 2026, सोमवार को कार्यक्रम का तृतीय दिवस आयोजित किया गया।



           कार्यक्रम के प्रथम सत्र में मुख्य अतिथि एवं वक्ता के रूप में सुश्री अंकिता कश्यप, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जगदलपुर उपस्थित रहीं। उन्होंने “जेंडर जस्टिस एवं कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम” विषय पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया। अपने संबोधन में उन्होंने कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ होने वाले विभिन्न प्रकार के उत्पीड़न तथा उनके पॉश अधिनियम (POSH Act) के अंतर्गत आने वाले प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों में शिकायत दर्ज कराने की एक निर्धारित समय-सीमा होती है, जिसके अंतर्गत पीड़िता अपनी शिकायत प्रस्तुत कर सकती है।

           उन्होंने यह भी बताया कि यदि पीड़िता स्वयं सामने आकर शिकायत दर्ज नहीं कराना चाहती है, तो वह अपने सहकर्मी, माता-पिता, मित्र अथवा किसी अन्य विश्वसनीय व्यक्ति की सहायता से भी शिकायत दर्ज करा सकती है। साथ ही उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों के निवारण हेतु संस्थान स्तर पर आंतरिक शिकायत समिति तथा जिला स्तर पर समितियों का गठन किया जाता है, जिनके माध्यम से प्रकरणों की जांच की जाती है। जांच की प्रक्रिया में विभिन्न चरणों के अंतर्गत शिकायतकर्ता एवं आरोपी पक्ष से चर्चा कर तथ्यों का परीक्षण किया जाता है तथा उसके पश्चात निर्णय लिया जाता है। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा एवं विधिक सहायता से संबंधित विभिन्न टोल-फ्री नंबरों, वेबसाइटों एवं प्राधिकरणों की भी जानकारी प्रदान की।

         प्रथम सत्र के समापन पर तहसीन सुल्ताना द्वारा मुख्य अतिथि के प्रति आभार प्रदर्शन किया गया।

        कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में गतिविधि आधारित सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में शासकीय काकतीय पी.जी. महिला महाविद्यालय की सहायक प्राध्यापक श्रीमती कल्पना मंडावी एवं सहायक प्राध्यापक चित्रलेखा कोड्पी ने संयुक्त रूप से जेंडर इक्वालिटी विषय पर विभिन्न गतिविधियों एवं प्रश्नोत्तर के माध्यम से चर्चा की। उन्होंने महिलाओं एवं पुरुषों के मध्य समानता स्थापित करने के सामाजिक पहलुओं पर प्रकाश डाला तथा समाज में प्रचलित रूढ़िवादी धारणाओं पर विचार-विमर्श किया।

        उन्होंने वीडियो एवं गतिविधियों के माध्यम से ऑफलाइन तथा ऑनलाइन दोनों प्रकार के प्रतिभागियों को सक्रिय रूप से जोड़ा और सभी प्रतिभागियों के विचारों को जानने का प्रयास किया। यह सत्र अत्यंत रोचक, ज्ञानवर्धक एवं सहभागितापूर्ण रहा।

       द्वितीय सत्र के समापन पर जीविता कोशले द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया।

          कार्यक्रम का सफल संचालन श्रीमती जयश्री देबनाथ द्वारा किया गया। यह संपूर्ण कार्यक्रम महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. रंजना नाथ के मार्गदर्शन में तथा वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. योगेन्द्र तिवारी, श्रीमती बबीता दीवान, डॉ. श्यामाचरण एवं डॉ. भुवनेश्वर कुमार के सान्निध्य में संपन्न हुआ।

       इस अवसर पर ऑफलाइन एवं ऑनलाइन दोनों माध्यमों से बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने सहभागिता की। साथ ही विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्यगण, प्राध्यापकगण एवं छात्राएं भी कार्यक्रम में उपस्थित रहीं।

संपादक –ऋषभ कुमार

मो.–6266449977

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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