रिपोर्ट –जय शंकर पांडे

जगदलपुर, 30 मार्च 2026/ बस्तर की पावन धरा पर जनजातीय खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित होने वाले प्रथम खेलो इंडिया जनजातीय खेल – 2026 के लिए एथलेटिक्स स्पर्धाओं का संशोधित कार्यक्रम आधिकारिक रूप से जारी कर दिया गया है। 30 मार्च से 2 अप्रैल 2026 तक चलने वाले इस ऐतिहासिक खेल महाकुंभ में देश भर के जनजातीय एथलीट अपनी गति, शक्ति और कौशल का प्रदर्शन करेंगे। प्रतियोगिता के दूसरे दिन यानी 31 मार्च की सुबह से ही मैदान पर रोमांच चरम पर होगा, जहाँ पुरुषों की लंबी कूद और डिस्कस थ्रो के साथ-साथ 110 मीटर बाधा दौड़ के फाइनल मुकाबले आयोजित किए जाएंगे। इसी सत्र में महिला एथलीट शॉट पुट और 400 मीटर की दौड़ में अपनी दावेदारी पेश करेंगी, जिसके बाद पदक वितरण समारोह के माध्यम से सुबह के विजेताओं का सम्मान किया जाएगा।
31 मार्च की शाम का सत्र और भी अधिक ऊर्जावान होने की उम्मीद है, जिसमें 100 मीटर की फर्राटा दौड़ के फाइनल यह तय करेंगे कि इस खेल महोत्सव का सबसे तेज धावक कौन है। इसी शाम को पुरुषों की ऊंची कूद और 4×100 मीटर रिले रेस जैसे बड़े आयोजनों के साथ पदक तालिका में रोमांचक उलटफेर देखने को मिल सकते हैं। अगले दिन 1 अप्रैल की सुबह का आगाज़ धैर्य और सहनशक्ति की कड़ी परीक्षा के साथ होगा, जहाँ पुरुष और महिला वर्ग में 10,000 मीटर रेस वॉक के फाइनल में खिलाड़ी अपनी सीमाओं को चुनौती देंगे। दोपहर बाद के सत्र में 800 मीटर और 400 मीटर बाधा दौड़ के साथ-साथ महिलाओं की भाला फेंक और ऊंची कूद स्पर्धाओं में पदकों के लिए कड़ा संघर्ष देखा जाएगा।
प्रतियोगिता का अंतिम दिन यानी 2 अप्रैल, लंबी दूरी के धावकों के नाम रहेगा, जहाँ सुबह की ठंडी हवाओं के बीच 10,000 मीटर की मुख्य दौड़ का आयोजन किया जाएगा। समापन सत्र में 200 मीटर और 1500 मीटर की दौड़ के फाइनल मुकाबलों के साथ पुरुषों के भाला फेंक (800 ग्राम) के प्रदर्शन पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी। इस चार दिवसीय खेल उत्सव का भव्य समापन 4×400 मीटर रिले रेस और अंतिम पदक वितरण समारोह के साथ होगा, जो जनजातीय युवाओं के लिए खेल जगत में सफलता के नए द्वार खोलेगा।
संपादक –ऋषभ कुमार
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