रिपोर्ट –जय शंकर पांडे

2 मई 2026, भानुप्रतापपुर/दुर्गुकोंदल। वन विभाग के दुर्गुकोंदल रेंज कार्यालय से भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ कार्यरत एक कंप्यूटर ऑपरेटर का सोशल मीडिया पर ऑडियो-वीडियो वायरल होने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने संबंधित कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर जाँच टीम गठित कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और ऑडियो के अनुसार, दुर्गुकोंदल रेंज कार्यालय में पदस्थ कंप्यूटर ऑपरेटर अजय कृदंत राव पर ‘मालिक मलगुजा’ लकड़ी के अवैध परिवहन के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करने का आरोप है। बताया जा रहा है कि इस काम के लिए 25 हजार रुपये में सौदा तय हुआ था। इस खुलासे के बाद वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे थे।
विभाग ने लिया कड़ा संज्ञान
खबर सार्वजनिक होने और साक्ष्य सामने आने के बाद वन विभाग एक्शन मोड में आ गया है। डीएफओ ऋषभ जैन ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी कंप्यूटर ऑपरेटर अजय कृदंत राव को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी कर तीन दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है।
उच्च स्तरीय जाँच टीम गठित
मामले की निष्पक्ष जाँच के लिए डीएफओ ने एक विशेष टीम का गठन किया है। इस टीम में शामिल हैं
उप मंडलाधिकार भानुप्रतापपुर व दो परिक्षेत्र अधिकारी जांच में शामिल है।
7 दिनों में आएगी रिपोर्ट
डीएफओ ऋषभ जैन ने स्पष्ट किया है कि जाँच टीम को 7 दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट (जाँच प्रतिवेदन) प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जाँच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने पर संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
“भ्रष्टाचार के किसी भी मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। जाँच टीम गठित कर दी गई है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।”