बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ को बढ़ावा देने जिला प्रशासन ने किया प्रेरणादायक कार्यक्रम
जगदलपुर, 09 मार्च 2025 – अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा ‘बेटी जन्मोत्सव’ थीम पर विशेष आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बेटी जन्म को प्रोत्साहित करना और समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना था।
कलेक्टर हरिस एस और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन के मार्गदर्शन में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सभी परियोजना मुख्यालयों में यह आयोजन बड़े उत्साह के साथ संपन्न हुआ।
सेल्फी ज़ोन में बेटियों और परिवारों का सम्मान
कार्यक्रम की खास पहल सेल्फी ज़ोन रही, जहां बालिकाओं के साथ आए उनके परिवारों की तस्वीरें खींचकर उन्हें सम्मानित किया गया। उन्हें तत्काल रंगीन तस्वीरें भेंट की गईं, ताकि यह दिन उनके लिए यादगार बन सके।
टाउन हॉल में हुआ भव्य मुख्य कार्यक्रम
जगदलपुर के टाउन हॉल में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में सांसद महेश कश्यप और विधायक किरण देव की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस दौरान:
✅ महिलाओं के कानूनी अधिकारों, स्वास्थ्य, पोषण और बीमारियों पर जागरूकता सत्र आयोजित किया गया।
✅ महतारी वंदन योजना का लाभ लेने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया और उनके अनुभव साझा किए गए।
✅ स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए प्रेरित किया गया।
✅ ‘मेरी बेटी, मेरा अभिमान’ संदेश के तहत बेटियों के प्रति समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने का आह्वान किया गया।
✅ महिलाओं को जनधन खाता खोलने और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए जागरूक किया गया।
जिलेभर में हुआ व्यापक आयोजन
महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा पर केंद्रित प्रदर्शनी भी आयोजित की गई। विभिन्न क्षेत्रों में सम्मानित बालिकाओं और उनके परिवारों की संख्या इस प्रकार रही:
📍 बास्तानार – 30
📍 तोकापाल – 28
📍 बस्तर – 521
📍 लोहंडीगुड़ा – 517
📍 जगदलपुर ग्रामीण – 531
📍 जगदलपुर शहरी – 525
📍 दरभा – 524
📍 बकावंड-1 – 672
📍 बकावंड-2 – 506
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान को मिली नई ऊर्जा
इस आयोजन के माध्यम से समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने का सफल प्रयास किया गया। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए इस तरह के कार्यक्रम बेहद महत्वपूर्ण हैं।
यह आयोजन न केवल महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल रहा, बल्कि समाज में बेटियों के जन्म को गौरव और अभिमान से जोड़ने का भी संदेश दिया।
