जगदलपुर: शहर में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति का एक और मामला सामने आया, जब 7 वर्षीय निशांत, जो नेफ्रोटिक सिंड्रोम से पीड़ित था, को महारानी अस्पताल में भर्ती करने से मना कर दिया गया। बच्चे के पूरे शरीर में सूजन थी, और उसकी हालत बिगड़ती जा रही थी। परिवार उसे लेकर आपातकालीन विभाग पहुँचा, लेकिन ड्यूटी डॉक्टर ने यह कहते हुए भर्ती करने से इनकार कर दिया कि अस्पताल में बेड उपलब्ध नहीं है

बच्चे के गरीब आदिवासी परिवार ने जब कोई रास्ता न दिखा, तो ‘सीजी पहाट न्यूज’ के संपादक प्रमुख ऋषभ कुमार से मदद की गुहार लगाई। उन्होंने तुरंत डॉ. संजय प्रसाद से संपर्क किया और बच्चे की गंभीर स्थिति की जानकारी दी। डॉ. संजय प्रसाद ने तुरंत अस्पताल प्रशासन को निर्देशित किया, जिसके बाद बच्चे का इलाज संभव हो पाया।

यह मामला एक बार फिर सवाल खड़ा करता है कि जब जरूरतमंद गरीब आदिवासी मरीजों को सही समय पर इलाज नहीं मिलता, तो उनका सहारा कौन होगा? पत्रकारिता की सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए ऋषभ कुमार ने अपनी भूमिका निभाई, लेकिन क्या सरकार और अस्पताल प्रशासन इस तरह की लापरवाहियों पर लगाम लगाएगा?

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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