जगदलपुर, 26 मार्च 2025 – केंद्रीय भूमि जल बोर्ड, उत्तर मध्य छत्तीसगढ़ क्षेत्र द्वारा “स्थायी भूजल प्रबंधन एवं संरक्षण” विषय पर एक दिवसीय तृतीय स्तरीय प्रशिक्षण एवं जन संवाद कार्यक्रम का आयोजन जिला पंचायत सभागार, जगदलपुर में किया गया।

इस कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रतीक जैन (आईएएस) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। केंद्रीय भूमि जल बोर्ड के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. प्रबीर कुमार नायक ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ में भूजल संसाधनों के सतत प्रबंधन और संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।

भूजल प्रबंधन और संरक्षण पर विशेषज्ञों के व्याख्यान

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के भूजल से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान दिए गए, जिनमें शामिल थे:
हाइड्रोजियोलॉजी और भूजल बजटिंग
फ्लोरोसिस से निपटने के उपचारात्मक उपाय
जगदलपुर जिले में नैक्चिम अध्ययन
भूजल अन्वेषण के लिए भूभौतिकीय तकनीकों का फील्ड प्रदर्शन

क्षेत्रीय निदेशक डॉ. प्रबीर कुमार नायक ने अपने व्याख्यान में बताया कि छत्तीसगढ़ में लगभग 80% भूजल सिंचाई में, 12% पेयजल व घरेलू उपयोग में, तथा 8% उद्योग, खनन और अन्य कार्यों में खर्च होता है। उन्होंने भूजल स्तर में गिरावट के प्रमुख कारणों पर चिंता जताते हुए कहा कि धान की खेती भूजल गिरावट का मुख्य कारण है। उन्होंने यह भी बताया कि सभी उद्योगों, खनन और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए केंद्रीय भूजल प्राधिकरण से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लेना अनिवार्य है

“बिना पानी के कोई जीवित नहीं रह सकता” – डॉ. नायक

अपने संबोधन में डॉ. नायक ने कहा,
“हजारों लोग बिना प्यार के जी सकते हैं, लेकिन एक भी व्यक्ति बिना पानी के नहीं। जल संकट का समाधान उचित नीति, लोगों की भागीदारी और व्यवहारगत परिवर्तनों से किया जा सकता है।”

नियानार में भूजल संरक्षण की पहल

कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि केंद्रीय भूमि जल बोर्ड ने नियानार में प्रदर्शनात्मक वर्षा जल संचयन संरचना (RTRWH) के रूप में रिचार्ज कुएं के निर्माण की पहल की है। यह मॉडल परियोजना स्थानीय स्तर पर भूजल स्तर सुधारने और जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

स्थानीय हितधारकों की भागीदारी

इस कार्यक्रम में स्थानीय निकायों के प्रतिनिधि, किसान, आम नागरिक और भूजल संरक्षण से जुड़े विभिन्न हितधारकों ने भाग लिया। सभी ने भूजल संरक्षण और प्रबंधन की दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

डॉ. नायक ने कहा,
“भूजल संरक्षण और प्रबंधन आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इस कार्यक्रम के माध्यम से हमने भूजल संरक्षण की नवीनतम तकनीकों और पद्धतियों की जानकारी दी, जिससे स्थानीय समुदाय अपने जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन कर सकें।”

जल शक्ति अभियान और जल जीवन मिशन के अनुरूप पहल

नियानार में रिचार्ज कुएं का निर्माण “जल शक्ति अभियान” और “जल जीवन मिशन” के अनुरूप किया जा रहा है। इसे एक मॉडल परियोजना के रूप में अन्य क्षेत्रों में भी दोहराने की योजना है, ताकि पूरे छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण और प्रबंधन को बढ़ावा दिया जा सके

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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