रिपोर्ट ऋषभ कुमार
जगदलपुर: बस्तर की जीवनदायिनी इंद्रावती नदी के जल संकट और उसके मूल प्रवाह को बहाल करने के लिए बस्तर सांसद महेश कश्यप ने लगातार प्रयास किए हैं। सांसद कश्यप के नेतृत्व में बस्तर क्षेत्र में इंद्रावती नदी को लेकर एक बड़ा कदम उठाया गया है। इन्होंने ओडिशा के सांसद और विधायक के साथ मिलकर इस गंभीर जल संकट का समाधान खोजने के लिए एक अहम बैठक की, जिससे दोनों राज्यों के बीच सहयोग की नई दिशा शुरू हो सके।
महेश कश्यप ने इस मुद्दे को पहले ही लोकसभा में उठाया था, और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री से इस मामले का शीघ्र समाधान करने की अपील की थी। इस कदम के बाद, छत्तीसगढ़ सरकार और बस्तर के जनप्रतिनिधियों के सहयोग से बस्तर को जल मिलना शुरू हुआ।
अब, बस्तर और ओडिशा के सांसद, विधायक और अधिकारियों की एक बैठक में इंद्रावती नदी को उसके मूल प्रवाह में लाने के लिए एक कार्ययोजना तैयार की गई है। जगदलपुर सर्किट हाउस में हुई इस बैठक में बस्तर सांसद महेश कश्यप, नवरंगपुर सांसद बलभद्र मांझी, कोटपाड़ विधायक रूपु भतरा सहित दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
बैठक में इंद्रावती जल संकट के प्रमुख कारणों पर गहन चर्चा की गई, जिसमें ओडिशा में इंद्रावती नदी से बिजली उत्पादन को एक कारण बताया गया। सांसद कश्यप ने इस मुद्दे पर ओडिशा के जनप्रतिनिधियों से बात की और दोनों राज्यों के बीच एक समाधान तैयार किया।
सांसद कश्यप ने कालाहांडी डैम के एक गेट को खुला रखने की मांग की है ताकि इंद्रावती नदी का प्रवाह प्रभावित न हो। इसके अलावा, गाड़ाघाट पुलिया के निर्माण को लेकर भी चर्चा हुई, जो ओडिशा सरकार द्वारा प्रस्तावित है। वन भूमि की समस्या के कारण यह कार्य रुका हुआ था, लेकिन बैठक में दोनों राज्यों के अधिकारियों ने इसे जल्द पूरा करने की सहमति दी है।
सांसद महेश कश्यप ने कहा कि यह प्रयास बस्तर के विकास के लिए महत्वपूर्ण है और डबल इंजन की सरकार दोनों राज्यों के सहयोग से बस्तर में इंद्रावती नदी के पूर्ण प्रवाह को जल्द बहाल करने में सफल होगी।
इस बैठक में बस्तर सांसद महेश कश्यप, नवरंगपुर सांसद बलभद्र मांझी, कोटपाड़ विधायक रूपु भतरा, बस्तर अपर कलेक्टर सीपी बघेल, वन अधिकारी देवलाल दुग्गा सहित ओडिशा राज्य के राजस्व अधिकारी और अन्य अधिकारी मौजूद थे।
बस्तर सांसद महेश कश्यप के प्रयासों से इंद्रावती नदी के प्राकृतिक प्रवाह की बहाली
इंद्रावती नदी की बहाली के लिए बस्तर और ओडिशा के सांसदों और अधिकारियों के बीच सहयोग
बैठक में इंद्रावती जल संकट के समाधान के लिए उठाए गए महत्वपूर्ण कदम