 तेलंगाना: भारत में पहली बार किसी पशु प्रयोगशाला पालामूर बायोसाइंसेज प्राइवेट लिमिटेड (Palamur Biosciences Pvt. Ltd.) के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह कार्रवाई PETA इंडिया को अंदरूनी सूत्रों से मिली गंभीर जानकारी के बाद हुई, जिसने देशभर में पशु अधिकारों को लेकर चिंता की लहर दौड़ा दी है।

 क्या था मामला?

विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, पालामूर बायोसाइंसेज द्वारा:

एक ही दिन में 100 से अधिक बीगल प्रजाति के कुत्तों को मार दिया गया।

1,500 से अधिक कुत्तों को बेहद गंदे और तंग पिंजरों में ठूंस कर रखा गया।

जंगली बंदरों और सूअर के बच्चों पर अत्यंत क्रूर प्रयोग किए गए।

इन अमानवीय कृत्यों को “विज्ञान” के नाम पर अंजाम दिया गया। लेकिन सवाल यह है — क्या यह विज्ञान है या महज बर्बरता?

 क्रूरता करना विज्ञान नहीं है, यह एक अपराध है।

 तेलंगाना पुलिस की सराहनीय कार्रवाई

हम तेलंगाना राज्य पुलिस, विशेष रूप से बूथपुर पुलिस स्टेशन और स्टेशन हाउस ऑफिसर श्री चंद्रशेखर जी का आभार प्रकट करते हैं, जिन्होंने इस प्रयोगशाला के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर यह स्पष्ट संदेश दिया कि पशु क्रूरता अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी – चाहे वह छिपकर ही क्यों न की जा रही हो।

 क्या मांग है अब?

PETA इंडिया ने केंद्रीय मंत्री, पशुपालन और डेयरी विभाग, भारत सरकार से यह मांग की है कि:

इस प्रयोगशाला को स्थायी रूप से पशु परीक्षण और प्रजनन से रोका जाए।

वहाँ बचे हुए सभी पशुओं को तत्काल बचाया जाए।

 अपील देखें और साइन करें: https://petain.vg/ad9

 तेलंगाना पुलिस का धन्यवाद!
 आइए आवाज़ उठाएं –
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By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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