जगदलपुर, 21 मार्च 2026/ बस्तर की ऐतिहासिक और नैसर्गिक धरा कल एक ऐसे गौरवशाली कीर्तिमान की साक्षी बनने जा रही है, जो न केवल खेल जगत में बल्कि सामाजिक बदलाव की दिशा में भी एक मील का पत्थर साबित होगा। ‘बस्तर हेरिटेज मैराथन 2026’ में उत्साह का एक अभूतपूर्व सैलाब उमड़ने को तैयार है, जहाँ कुल 9,235 पंजीकृत धावक अपनी रफ्तार का लोहा मनवाएंगे। यह आयोजन केवल एक दौड़ मात्र नहीं है, बल्कि बस्तर के बदलते स्वरूप, बढ़ती शांति और शासन की ‘पूना मारगेम’ जैसी पुनर्वास नीतियों की सफलता की एक जीवंत झांकी है। इस भव्य आयोजन की सबसे प्रेरणादायक तस्वीर उन 200 से अधिक पूर्व माओवादी कैडरों के रूप में उभर रही है, जो संघर्ष का रास्ता छोड़ अब मुख्यधारा का हिस्सा बनकर समाज के साथ कदम से कदम मिलाकर दौड़ने के लिए बेताब हैं।

          इस मैराथन की वैश्विक महत्ता का प्रमाण इसके आंकड़ों में स्पष्ट झलकता है। पंजीकरण की सूची के अनुसार जहाँ स्थानीय बस्तर संभाग से 8,127 धावकों ने अपना नाम दर्ज कराया है, वहीं छत्तीसगढ़ के बाहर से 202 और 120 अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों की मौजूदगी इस आयोजन को वैश्विक फलक पर स्थापित कर रही है। विशेष रूप से लंबी दूरी की दौड़ के लिए विश्व विख्यात इथोपिया और केन्या के एथलीट बस्तर की धरा पर अपनी धाक जमाएंगे। आंकड़ों का एक उत्साहजनक पहलू महिलाओं की भागीदारी भी है, जहाँ कुल 2,313 महिला धावक पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी।

         बस्तर हेरिटेज मैराथन मैराथन का मुख्य आकर्षण 42 किलोमीटर की ‘फुल मैराथन’ होगी, जो जगदलपुर के ऐतिहासिक लालबाग मैदान से शुरू होकर ‘भारत के नियाग्रा’ कहे जाने वाले विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात के तट पर संपन्न होगी। धावक जब बस्तर के पारंपरिक गांवों और घने जंगलों के नैसर्गिक सौंदर्य के बीच से गुजरेंगे, तो उन्हें यहाँ की समृद्ध विरासत और अदम्य साहस का अनूठा अनुभव होगा। आयोजन को समावेशी बनाने के लिए इसे 42 किमी, 21 किमी, 10 किमी और 5 किमी की श्रेणियों में बांटा गया है। आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक रोमांच 5 किमी की दौड़ में देखने को मिलेगा, जिसमें अकेले बस्तर क्षेत्र से 3,452 प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है। खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रशासन ने 25 लाख रुपये की विशाल इनामी राशि की घोषणा की है। स्थानीय धावकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा का अवसर देने के लिए ‘बस्तर कैटेगरी’ का विशेष प्रावधान रखा गया है, जबकि बस्तर जिले के निवासियों के लिए पंजीकरण पूर्णतः निःशुल्क रखा गया है।

       बस्तर कलेक्टर श्री आकाश छिकारा ने सभी धावकों का स्वागत करते हुए विश्वास जताया है कि कल जब हजारों धावक चित्रकोट की लहरों के साथ कदमताल करेंगे, तो वे केवल फिनिश लाइन की ओर नहीं दौड़ रहे होंगे, बल्कि बस्तर के एक नए, सुरक्षित और प्रगतिशील भविष्य की नई अध्याय लिख रहे होंगे।

संपादक –ऋषभ कुमार

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By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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