रिपोर्ट –जय शंकर पांडे


25 अप्रैल 2026, जगदलपुर। उपनेता प्रतिपक्ष एवं लखेश्वर बघेल ने प्रदेश सरकार की धान खरीदी एवं भंडारण व्यवस्था की कड़ी आलोचना करते कहा है कि बस्तर संभाग के अंतर्गत आने वाले सभी जिलों में धान खरीदी केंद्रों से धान के उठाव की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। खरीदी केंद्रों एवं समितियों में लाखों क्विंटल धान आज भी खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ है, जबकि धान उठाव कार्य अत्यंत धीमी गति से चल रहा है।

सभी जिलों में बदहाल हालात

श्री बघेल ने कहा कि जगदलपुर, कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर सहित पूरे बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों में खरीदी केंद्रों पर धान का अंबार लगा हुआ है। शासन-प्रशासन की लापरवाही और कमजोर प्रबंधन के कारण समय पर धान उठाव नहीं हो पा रहा है, जिससे किसानों की मेहनत का अन्न खुले आसमान में बारिश और मौसम की मार झेल रहा है।

बेमौसम बारिश से भीग रहा धान

उन्होंने कहा कि बेमौसम बारिश के चलते केंद्रों में रखा धान लगातार भीग रहा है। यदि जल्द उठाव नहीं हुआ तो लाखों क्विंटल धान खराब होकर सड़ सकता है। यह केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि किसानों के परिश्रम और उनके अधिकारों के साथ अन्याय है।



पिछले वर्ष से भी नहीं लिया सबक

बघेल ने कहा कि पिछले वर्ष भी समय पर धान का उठाव नहीं होने से हजारों क्विंटल धान खराब हुआ था, लेकिन सरकार ने उससे कोई सीख नहीं ली। इस वर्ष भी वही ढर्रा जारी है, जिससे खरीदी केंद्र व समिति प्रबंधकों में नाराजगी है।
समय रहते होती तैयारी तो नहीं आती नौबत
उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन को पहले से पर्याप्त गोदाम, तिरपाल, परिवहन और भंडारण व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए थी, यदि समय रहते तैयारी होती तो आज किसानों के धान को खुले आसमान में पड़े रहने की नौबत नहीं आती।

नुकसान से बचने तत्काल कार्रवाई की मांग

उपनेता प्रतिपक्ष ने सरकार से मांग की कि बस्तर संभाग के सभी जिलों में तत्काल धान उठाव कार्य तेज किया जाए, खरीदी केंद्रों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जाए और किसानों से खरीदे गए धान को खराब होने से बचाया जाए। उन्होंने कहा कि अन्न सड़ना किसी भी सरकार के लिए शर्मनाक स्थिति है।

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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