रिपोर्ट –जय शंकर पांडे

जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ त्वरित पहुँचाने का प्रयास

जगदलपुर, 01 मई 2026/ बस्तर संभाग के सात जिलों बीजापुर, बस्तर, दंतेवाड़ा, कांकेर, नारायणपुर, कोण्डागांव एवं सुकमा में एनसीएईआर सर्वेक्षण के परिणामों के आधार पर व्यक्तिमूलक योजनाओं का सेच्युरेशन किया जा रहा है। इसी अभियान को गति देने तथा ग्रामीणों तक शासन की योजनाओं का लाभ त्वरित रूप से पहुंचाने के उद्देश्य से “बस्तर मुन्ने” कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है



           कार्यक्रम के तहत शासन की योजनाओं से वंचित ग्रामीणों को विभिन्न व्यक्तिमूलक योजनाओं एवं सामुदायिक कार्यों का लाभ उपलब्ध कराने के लिए बस्तर जिले में 01 मई से ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में पात्र हितग्राहियों का चिन्हांकन कर उन्हें योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है। लोहांडीगुड़ा विकासखंड में पालम और छिंदनार में, बकावण्ड विकासखंड में मोखागांव, मैलबेडा,संधकरमरी, चोकनार, जगदलपुर विकासखंड में तुरेनार,भेजापदर, गरावंडकला, आमागुड़ा, कुम्हली,कुरंदी के आश्रित ग्रामों में, दरभा विकासखंड के डिलमीली, चिडपाल,मादरकोटा, तोकापाल विकासखंड के देऊरगांव, रानसरगीपात, सोसनपाल,राजूर, बुरूगपाल,कोण्डालूर, बस्तर विकासखण्ड के सालेमेटा-01,कुम्हली, बनियागांव, बाकेल, छोटे आमाबाल में शिविर आयोजित किया गया। इन शिविरो में कलेक्टर श्री आकाश छिकारा के मार्गदर्शन पर सभी अनुविभागीय दंडाधिकारी, सहित सम्बंधित विभागों के ब्लॉक स्तरीय और मैदानी अमलों की उपस्थिति सुनिश्चित की जा रही है। ताकि मौके पर पर ही निराकरण की जा सके।


इसके साथ ही नियद नेल्लानार 2.0 योजना अंतर्गत 31 व्यक्तिमूलक योजनाओं का सेच्युरेशन, 14 सामुदायिक सुविधाओं का विस्तार तथा 10 वांछनीय योजनाओं में अधिकतम संभव लाभ सुनिश्चित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। जिले के प्रत्येक ग्राम तक शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से शनिवार से सभी विकासखण्डों में शिविरों का आयोजन प्रारंभ किया गया है। प्रशासन द्वारा ग्रामीणों से शिविरों में पहुंचकर आवश्यक दस्तावेजों सहित योजनाओं का लाभ लेने की अपील की गई है।

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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